झज्जर। जिले में वीरवार देर रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को पूरा दिन रुक-रुककर जारी रहा। बारिश के कारण मंडी में खुले में रखा हजारों क्विंटल धान भीग गया। मंडी में आया धान खरीदा जा चुका था इसलिए इसका नुकसान मिलर्स को होगा। जिले की अनाज मंडियों में इस समय करीब 64304 क्विंटल धान रखा हुआ हैं। मंडियों की शेड के नीचे रखा धान तो भीगने से बच गया हैं, लेकिन खुले में रखा हुआ धान भीगा है। जिले में करीब 6 एमएम बारिश हुई हैं।
जिले की अनाज मंडियों में अब तक करीब 4 लाख 54 हजार 432 क्विंटल धान पहुंच चुका हैं। वहीं करीब 3 लाख 90 हजार 128 क्विंटल बासमती धान का उठान हो चुका हैं। इसके अलावा जिले की अनाज मंडियों में 64 हजार 304 क्विंटल जिले की अनाज मंडियों के परिसरों में पड़ा हुआ हैं। इसमें बेरी की अनाज मंडी में करीब 37 हजार 63 क्विंटल, झज्जर की अनाज मंडी में 20 हजार 67 क्विंटल व मातनहेल की अनाज मंडी में करीब 7 हजार क्विंटल धान की खरीद नहीं हुई हैं। इनमें से काफी धान बारिश में भीग चुका हैं। जिले की अनाज मंडी झज्जर में अब तक एक लाख 15 हजार, बेरी की अनाज मंडी में करीब 3 लाख 37 हजार क्विंटल धान व मातनहेल अनाज मंडी में करीब 15 हजार बासमती धान की आवक हो चुकी हैं। जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में आढ़तियों ने प्राइवेट तौर पर बासमती धान की जमकर खरीद की हैं। प्राइवेट तौर पर धान की करीब 4 लाख 27 हजार बासमती धान की खरीद प्राइवेट तौर पर आढ़तियों ने की हैं।
350 से गिरकर 230 पहुंचा एक्यूआई, फसलों को फायदा
जिले में पूरे दिन बूंदाबांदी का दौर जारी रहा, जिससे प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई हैं। जिले में प्रदूषण का स्तर 350 से घटकर 230 पहुंच गया। एक्यूआई में 120 की कमी आई। उधर कृषि विशेषों ने बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद बताया है। बूंदाबांदी के चलते सरसों व गेहूं की बुआई करने वाले किसानों के लिए वरदान साबित हुई हैं। बूंदाबांदी के कारण सरसों व गेहूं का एक-एक दाना उगेगा। कृषि अधिकारी ईश्वर सिंह जाखड़ ने बताया कि पूरे जिले में करीब 6 एमएम बारिश हुई हैं। यह बरसात किसानों के लिए सोना बनकर बरसी हैं। गेहूं व सरसों की फसल में खाद के तौर पर ये बारिश लगेगी। गेहूं व सरसों की फसल की अच्छी पैदावार के लिए बारिश सहायक सिद्ध हाेगी।