बेरी। लघु सचिवालय में वकीलों के चैंबर व टाइपिस्टों के खोखे हटवाने के बारे में तहसीलदार की तरफ से नोटिस जारी किया गया। इसको लेकर शुक्रवार को वकीलों व टाइपिस्टों ने वर्क सस्पेंड कर रोष जताया।
वर्क सस्पेंड होने के कारण एसडीएम और तहसील में कोई काम नहीं हुआ और कामकाज के लिए आए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा। बेरी बार एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र सिंह कादयान का कहना है कि पिछले करीब 10 सालों से वकील चैंबर और टाइपिस्ट अपने खोखे रखकर बैठे हुए हैं।
एडवोकेट रितीनदीप कादयान का कहना है कि बेरी में एक अप्रैल से ज्यूडिशियल कोर्ट शुरू होनी है, जिसको लेकर प्रशासन की तरफ से वकीलों के चैंबर व टाइपिस्टों के खोखे हटवा कर पार्किंग बनाई जा रही है, जो गलत है। सोमवार को वकील व टाइपिस्ट बैठक करेंगे।
इसमें झज्जर-बहादुरगढ़ बार के अधिवक्ता भी मौजूद रहेंगे। बैठक करने के बाद उपमंडल अधिकारी से मिलेंगे। इसके बावजूद भी वकीलों और टाइपिस्टों की मांग नही मानी गई तो उच्च अधिकारियों से मिला जाएगा।
मौके पर रितिनदीप कादियान, रामनिवास भट्टी, परमवीर कादयान, पंकज कादयान, पंकज सिंगला, गौरव चौहान, राजेंद्र कादियान, रामबीर कादियान आदि मौजूद रहे।
झज्जर में भी रखा वर्क सस्पेंड
बेरी व बादली के वकीलों के समर्थन में झज्जर बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड रखा। इसके चलते कोई काम नहीं हो सका। यहां बता दें कि झज्जर बार के अधिवक्ताओं ने भी बादली में जाकर वहां के वकीलों और टाइपिस्टों का समर्थन किया था। इसी के चलते शुक्रवार को वर्क सस्पेंड रखा गया।
बॉक्स
वकील-चैंबरों को हटवाने का नोटिस पूरी तरह गलत।
प्रशासन-जिस जगह वकीलों ने चैंबर व टाइपिस्टों ने खोखे रखे, वह पार्किंग स्थल। साइड में दी जा रही जगह।
वकील-जो जगह प्रशासन की तरफ से साइड में दी जा रही है, वह ठीक नहीं। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या होगी।