-फोटो 92 : शहर के एक शोरूम में खड़ी कार। संवाद
बहादुरगढ़। पहले जहां सीएनजी और डीजल वाहनों की मांग अधिक रहती थी। वहीं अब लोगों का झुकाव पेट्रोल वाहनों की ओर बढ़ गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले डेढ़ महीने में पेट्रोल वाहनों की बिक्री सबसे ज्यादा रही है जबकि सीएनजी और डीजल गाड़ियों की खरीद में उत्साह कम हुआ है।
परिवहन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कुल 808 नए वाहनों का पंजीकरण हुआ। इनमें सबसे अधिक 428 पेट्रोल वाहन बिके जबकि डीजल वाहनों की संख्या 224 रही। वहीं सीएनजी वाहनों की बिक्री घटकर 156 तक सीमित रह गई।
यह आंकड़े संकेत देते हैं कि लोगों की प्राथमिकता अब बदल रही है। एमआइई में स्थित दो कार शोरूम के संचालकों देवेंद्र कुमार और शशिकांत ने बताया कि पेट्रोल की गाड़ियों की मांग बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। एक तो पेट्रोल इंजनों में नई तकनीक के कारण माइलेज और परफॉर्मेंस में सुधार हुआ है।
वहीं सीएनजी किट लगवाने में बढ़ती लागत, गैस स्टेशनों पर लंबी कतारें और डीजल के बढ़ते रखरखाव खर्च ने भी ग्राहकों को प्रभावित किया है। स्थानीय डीलरों के अनुसार छोटे और मध्यम वर्ग के खरीदार अब पेट्रोल वाहनों को अधिक सुविधाजनक मान रहे हैं। अब पेट्रोल हाइब्रिड वाहन आ गए हैं।
इससे उनकी एवरेज भी बढ़ रही है। वहीं आए दिन शहर में सीएनजी स्टेशनों पर सीएनजी न मिलने की समस्या रहती है। यह भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। इसके अलावा नई पीढ़ी के ग्राहक कम शोर, कम मेंटेनेंस और बेहतर ड्राइविंग अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया क आने वाले महीनों में भी यही रुझान जारी रहने की संभावना है। यदि ईंधन की कीमतों और सुविधाओं में बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो पेट्रोल वाहनों की बिक्री आगे भी बढ़ सकती है। सीएनजी और डीजल की मांग में कमी देखने को मिल सकती है।