खाद को लेकर चर्चा करते क्यूसीआई बालमुकुंद कौशिक।
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झज्जर। किसानों के हक का खाद उनको मिले इसके लिए सरकार की ओर से अलग से प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस प्रक्रिया के जरिए डीलरों के खाद के स्टॉक की जानकारी उपायुक्त कार्यालय को दे दी गई है। जिस आईडी पासवर्ड से कृषि विभाग के अधिकारियों को जिला के खाद डीलरों के स्टॉक की जानकारी मिलती है, वह आईडी पासवर्ड उपायुक्त कार्यालय को भी दे दिया गया है। आईडी पासवर्ड से खाद डीलरों की स्टॉक की जानकारी उपायुक्त कार्यालय को मिलेगी। इसके माध्यम से शुरुआत में खाद बड़े 20 डीलरों के खाद स्टॉक की जांच आदेश उपायुक्त कार्यालय से दिए जाएंगे। वहीं इन डीलरों के द्वारा काटे गए बिलों की भी जांच होगी की डीलरों ने जो बिल कटे हैं क्या उपरोक्त उपभोक्ता ने इस खाद का सही उपयोग किया है। इस आईडी पासवर्ड के माध्यम से जिले में किसी भी डीलर के स्टॉक की जांच की जा सकेगी।
जिले में 4700 एमटी डीएपी पहुंचा
जिला में खरीफ के सीजन 11,000 एमटी यूरिया खाद के डीलरों के पास पहुंच चुका है। जोकि खरीफ सीजन के लिए किसानों को पर्याप्त मात्रा में मुहैया हो चुकी हो सकेगा। वही जिले में 4700 एमटी डीएपी पहुंच चुका है। कुछ पुराना स्टॉक भी बचा हुआ है यह भी कोई मात्रा में किसानों के लिए उपलब्ध है।
खाद-बीज की दुकानों के दस्तावेज जमा होंगे सीएससी सेंटर पर
जिले में जो भी व्यक्ति खाद बीज की दुकान के लिए लाइसेंस बनवाना चाहता है। वह व्यक्ति अपने नजदीकी सीएचसी सेंटर से ऑनलाइन अप्लाई करवाएं और वहीं पर दस्तावेजों को जमा करवाएं। सीएचसी सेंटर जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के कार्यालय में भेज दी जाएगी। तय समय के अंदर खाद बीज की दुकान के लिए लाइसेंस बना दिया जाएगा। अगर उसमें कोई खामी पाई गई तब संबंधित व्यक्ति को सूचना दे दी जाएगी।
उपायुक्त कार्यालय को वह आईडी पासवर्ड मुहैया करा दी गई है। जिसके द्वारा जिले के खाद-बीज डीलरों के खाद्य स्टॉक की जानकारी मिलती है।
- बालमुकंद कौशिक, क्यूसीआई, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।