सांस की तकलीफ के चलते सिविल अस्पताल में वृद्ध महिला की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।
इस दौरान डॉक्टर व स्टाफ के साथ हाथापाई का भी आरोप लगा है। बाद में परिजन बिना पोस्टमार्टम के ही वृद्धा के शव को ले जाने लगे तो डॉक्टरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। बाद में पोस्टमार्टम किए बिना शव ले जाने की इजाजत मांगने परिजन एसडीएम के यहां पहुंचे, लेकिन वे नहीं मिले।
कई घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम करा वारिसों को सौंप दिया। गांव अच्छेज निवासी चमेली (70) को शुक्रवार सुबह 7.40 बजे परिजन सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद 7.55 पर वृद्धा को मृत घोषित कर दिया।
इस बीच परिजनों ने यह कहकर हंगामा शुरू कर दिया कि वृद्धा ठीकठाक पहुंची थी, लेकिन डाक्टरों ने इलाज में लापरवाही की, जिससे उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने इस दौरान वहां मौजूद डाक्टर अभिमन्यु व स्टाफ सदस्यों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। डॉक्टर ने बताया कि वृद्धा अस्थमा की बीमारी से ग्रस्त थी। इलाज में लापरवाही जैसी कोई बात नहीं थी। इस बीच विवाद तब बढ़ गया जबकि परिजन वृद्धा के शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ही ले जाने पर अड़ गए। काफी देर तक तनातनी का माहौल रहा।
पहुंची पुलिस तो निपटा मामला
अस्पताल में हंगामे व बिना पोस्टमार्टम के शव को उठाने की सूचना मिलते ही शहर चौकी प्रभारी मुनेश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गई।
डाक्टर व परिजनों से बात कर मामला जाना। हंगामा कर रहे लोगों को वहां से हटाया। मृतका के परिजनों को बताया गया कि पोस्टमार्टम उसी सूरत में रुकना संभव है जबकि एसडीएम हस्तक्षेप करें। इसके बाद कुछ लोग एसडीएम के पास गए, लेकिन वे नहीं मिले। अंत में पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया और वारिसों को सौंप दिया।