एक तरफ तो प्रशासन मलेरिया, डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाव के लिए सजग दिखाई दे रहा है। लोगों को जागरूक करने में कोई कसर भी नहीं छोड़ रहा है। और तो और कहीं भी पानी के ठहराव होने या मच्छर का लार्वा मिलने पर कार्रवाई के निर्देश भी दे रखें हैं। वहीं, दूसरी तरफ पुराने बस स्टैंड में बरसाती पानी ठहरा हुआ है जिस पर प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है।
इससे पहले यहां बसों के संचालन के समय भी बरसात के बाद पानी ठहरने की समस्या बनी रहती थी। तब तो जैसे-तैसे पानी को निकाला जाता था, अब नया बस अड्डा बनने के बाद तो यहां कोई सुध लेने वाला भी नहीं है। यही हाल रहा तो जल्द ही ठहरने हुए पानी से तमाम बीमारियां फैलने लगेंगी। इस मौसम में पानी के इक्ट्ठा होने के कारण डेंगू जैसी बीमारियां भी पनपने का खतरा बना हुआ है।
ऐसा नहीं है कि किसी को इसके बारे में पता नहीं है, बल्कि इस बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों से लेकर नपा अधिकारियों सबको इस बारे में सूचना है, लेकिन इस समस्या को हल करने की बजाय सभी इस समस्या से आंख चुराते नजर आ रहे हैं। आस-पास स्थित दुकनदारों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को भी इस बारे में कतई चिंता नहीं है। उनका मानना है कि यह पानी इस बरसात के मौसम में डेंगू जैसी भयंकर बीमारियों को भी जन्म दे सकता है। अगर पानी को जल्द ही यहां से निकालने की व्यवस्था नहीं की गई तो यह आस-पास के लोगों के लिए विकराल समस्या का रूप धारण कर सकती है।