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हे भगवान! मरने के बाद भी घूस लोगे

Sat, 23 Jan 2016 01:56 AM IST
ब्यूूराो/अमर उजाला/बहादुरगढ़
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राज्य सतर्कता ब्यूरो (विजिलेंस) ने ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत एक मेडिकल ऑफिसर डॉ. राकेश कुमार को पोस्टमार्टम के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। डॉक्टर के विजिलेंस द्वारा पकड़े जाने की सूचना मिलने के बाद हॉस्पिटल परिसर में हड़कंप मचा रहा।


जानकारी के अनुसार दिल्ली के मलिकपुर निवासी नीरज की सड़क दुर्घटना में उपचार के दौरान 17 जनवरी को मौत हो गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए यहां सिविल हॉस्पिटल में लाया गया था। शिकायतकर्ता रोहतास ने बताया कि शव का जल्द पोस्टमार्टम करने के लिए डॉक्टर ने दस हजार रुपये मांगे थे। लेकिन बाद में बात पांच हजार में तय हो गई। घर में शादी थी तो ऐसे में शिकायतकर्ता ने भी डॉक्टर की शर्त को मान लिया। दर्ज शिकायत के अनुसार दो हजार रुपये तो रोहतास ने उसी दौरान दे दिए जबकि बाकी तीन हजार फिर देने के लिए कहा।
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 आरोप है कि बकाया रुपयों को लेकर ही डॉक्टर ने शिकायतकर्ता को फोन किया था। इस पर शिकायतकर्ता ने झज्जर विजिलेंस को मामले की शिकायत दी। सूचना पर विजिलेंस की ओर से छापा मार टीम गठित की गई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार मातूराम की मौजूदगी में आरोपी डॉक्टर को ट्रॉमा सेंटर परिसर से ही गिरफ्तार किया गया है।
विजिलेंस निरीक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि शिकायतकर्ता के भतीजे नीरज का 15 जनवरी को गांव नूना माजरा के नजदीक एक्सीडेंट हो गया था। बाद में 17 जनवरी को उसने उपचार के दौरान निजी हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया था। आरोपी चिकित्सक के पास से पहले के दो तथा अब के तीन हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं। डॉक्टर को पकड़ने वाली टीम में निरीक्षक ओमप्रकाश, उप निरीक्षक रवींद्र, सहायक उप निरीक्षक प्रदीप व राममेहर, सिपाही अमित व रामचंद्र शामिल रहे। दूसरी ओर डॉक्टर राकेश कुमार ने अपने पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए इसे साजिश के तहत की गई कार्रवाई बताया है।

दो माह पहले किया था ज्वाइन
जिस डॉक्टर राकेश को विजिलेंस ने पोस्टमार्टम करने के मामले में रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है उसने लगभग दो माह पहले ही सिविल हॉस्पिटल में ज्वाइन किया था। उनके पुलिस पकड़ में आने के बाद से ही ट्रॉमा सेंटर व हॉस्पिटल परिसर में हड़कंप मचा रहा। जिस समय चिकित्सक को पकड़ा गया उस दौरान उनकी यहां पर उसकी ड्यूटी भी नहीं थी। छापा मार कार्रवाई के दौरान ट्रॉमा सेंटर के किसी भी स्टाफ को विजिलेंस ने नजदीक तक नहीं आने दिया।
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तीन दिन में पकड़े दो
इन दिनों रिश्वतखोर अधिकारी व कर्मचारी विजिलेंस के निशाने पर हैं। तीन दिन में बहादुरगढ़ क्षेत्र से दो अधिकारियों को पकड़ा जा चुका है। गुड़गांव की विजिलेंस टीम ने जहां सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी सतबीर सिंह को पांच हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था तो अब झज्जर की टीम ने मेडिकल ऑफिसर राकेश को पकड़ा हैै। ऐसे में भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई हो रही है।


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