लगातार 95 दिन से टीकरी बॉर्डर पर चलने वाली सभा में अब आंदोलनरत किसानों की संख्या घटने लगी है। हालांकि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या में किसी तरह की कमी नहीं आई है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन दिनों किसान अपने खेतों में खड़ी फसलों को काटने और अन्य कार्यों के लिए गांव जा रहे हैं। जैसे ही फसलों का सीजन समाप्त होगा दोबारा से लौट आएंगे।
नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसान तीन महीने से अधिक समय से बहादुरगढ़ में अड़े हुए हैं। हालांकि सरकार की तरफ से 11 बार किसान नेताओं से बातचीत की गई, लेकिन उसमें किसी तरह का कोई हल नहीं निकला। अब जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है और खेतों में खड़ी फसलें पककर तैयार हो रही हैं तो किसान उन्हें काटने और बेचने के लिए गांव लौट रहे हैं। सुबह-दोपहर और शाम के समय किसानों का रेलवे स्टेशन की तरफ रुख देखा जा रहा है।
पंजाब के बठिंडा जिले के तलवंडी साबो गांव के किसान गुरदीप सिंह, सतविंदर, सुखा सिंह, लाडी, लक्की ने बताया कि वे अपने खेतों से काम निपटाकर वापस आएंगे। फिलहाल वे यहां से जा रहे हैं। हालांकि उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली यहां पर खड़ी है। वे ट्रेन से ही अपने गांव जाएंगे।
तंबुओं में लगे कूलर
जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है किसान भी बचाव के लिए संसाधन जुटा रहे हैं। जहां कई स्थानों पर पंखे लग गए हैं। वहीं बाजारों से किसान लगातार फर्राटे खरीद रहे हैं। कई जगह छोटे कूलरों का इस्तेमाल भी शुरू हो गया है। किसानों का कहना है कि गर्मी के सभी इंतजाम वह स्वयं कर रहे हैं। किसी भी किसान को गर्मी हो या सर्दी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
भीड़ कम होने के बाद टीकरी बॉर्डर तक वाहनों का आना-जाना हुआ आसान
किसानों की संख्या कम होने के बाद अब टीकरी बॉर्डर तक वाहनों का आना-जाना आसान हो गया है। टीकरी बॉर्डर से आसानी से यू-टर्न करके वाहन चालक लौट सकते हैं। सुधीर भारद्वाज ने कहा कि पहले के मुकाबले अब किसानों की भीड़ कम हो गई है। आसानी से टीकरी बॉर्डर से आना-जाना हो जाता है। अब दिल्ली पुलिस को भी टीकरी बॉर्डर पर एक तरफ का रास्ता खोल देना चाहिए। इससे शहरवासियों को दिल्ली की तरफ आने-जाने में भी काफी सहूलियत होगी।
उद्योगपति बोले, पहले के मुकाबले अब आने-जाने में हो रही आसानी
आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपति संदीप गर्ग, सुनील शर्मा, वेद प्रकाश, विकास गुप्ता, रणधीर दहिया ने बताया कि जिस दिन से बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर पर किसानों ने आंदोलन शुरू किया उसी दिन से काम-धंधे को लेकर परेशानी आने लगी थी। हालांकि अब किसानों द्वारा कई स्थानों से कट भी खोले गए हैं। साथ ही भीड़ भी कम होने के कारण सामान से लदी गाड़ियों को आने-जाने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो रही। पहले के मुकाबले अब आने-जाने में आसानी हो रही है। छोटा ही नहीं बड़ा वाहन भी आसानी से आ-जा रहा है।