अमेरिका में बसे ढाकला गांव के मूल निवासी एवं स्टील इंडस्ट्री के बड़े व्यवसायी सतीश गुप्ता अपने पैतृक गांव ढाकला में कॉलेज, सामुदायिक केंद्र सहित गांव के विकास में बड़ा योगदान देंगे। यह घोषणा व्यवसायी सतीश गुप्ता ने परिवार सहित गांव में पहुंचकर ग्रामीणों के सामने की। उन्होंने कहा कि हालांकि यह काम उन्हें काफी पहले करना चाहिए था, लेकिन इस नेक काम की राह दिखाने का काम प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने किया है।
वीरवार को कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने ग्रामीणों के साथ स्टील व्यवसायी सतीश गुप्ता एवं उनके परिवार का गांव में स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के बीच सतीश गुप्ता एवं उनके परिजनों को ग्रामीण गांव लेकर पहुंचे।
यहां मंत्री धनखड़ के साथ सतीश गुप्ता ने अपनी ओर से गांव में बनाए जाने वाले सामुदायिक भवन की नींव रखी। गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में धनखड़ ने कहा कि अमेरिकी दौरे के दौरान सतीश गुप्ता से लंबी बातचीत हुई थी। यह ढाकला ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए गौरव की बात है कि स्टील उद्योग के क्षेत्र में सतीश गुप्ता ने अमेरिका में अपनी एक खास पहचान कायम की है।
गांव में भी कॉलेज, सामुदायिक भवन के साथ धर्मशाला के जीर्णोद्धार एवं गांव के अन्य विकास के लिए गुप्ता परिवार ने सहमति दी है। बरसों बाद अमेरिका से अपने गांव पहुंचे सतीश गुप्ता ने बताया कि मैंने जब अपनी मां को गांव जाने की बात बताई तो वे अस्वस्थ होते हुए यहां आने को उतावली हुई।
विक्टोरिया क्रॉस शहीद बदलू राम भी बढ़ा चुके हैं मान
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने विक्टोरिया क्रॉस शहीद बदलू राम को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना धर्म निभाया और विक्टोरिया क्रॉस जीता। उन्होंने सरकार की औपचारिकता एवं अनुमति मिलने के बाद गांव में कॉलेज का भी निर्माण कराया जाएगा।
इस मौके पर गांव के सरपंच, जिप अध्यक्ष परमजीत सिंह, उपाध्यक्ष योगेश सिलानी, पूर्व विधायक दरियाव सिंह राजौरा, डीसी आरसी बिढ़ाण, एडीसी डॉ. नरहरि बांगड़, एसडीएम प्रदीप कौशिक, डीडीपीओ विशाल कुमार, डीआईपीआरओ नीरज कुमार, डीएसपी राजीव सिंह अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
गांव ने बहू को दी मुंह दिखाई
ढाकला गांव में अमेरिका से स्टील व्यवसायी सतीश गुप्ता अपनी पत्नी याश्मीन और अन्य परिजनों के साथ पहुंचे। ग्रामीणों ने भी रस्म-रिवाज के अनुसार पहली बार गांव में पहुंची बहू याश्मीन का सम्मान करते हुए गांव के हर घर से एक रुपये के हिसाब से 1600 रुपये की मुंह दिखाई मंच पर उन्हें दी।
मां ने ताजा की पुरानी यादें
सतीश गुप्ता के साथ उनकी मां चलती देवी, गोपाल, जयप्रकाश व आनंद सहित परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंचे। गुप्ता की मां चलती देवी ने दशकों पुरानी यादों का ताजा करते हुए बताया कि वे दूर रहकर भी गांव से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा उन्हें खुशी है कि आज उनका परिवार इस मुकाम पर है। अपने गांव और अपने लोगों के लिए कुछ करने की स्थिति में है।