पिछले डेढ़ साल से बिसहान गांव निवासी मासूम खाना खाने और पानी पीने तक के लिए तरस रहा है, मगर अब उसकी यह परेशानी दूर हो जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में संज्ञान ले लिया है और बृहस्पतिवार को उसे जांच के लिए बेरी बुलाया। साथ ही डॉक्टरों ने जल्द ऑपरेशन करने की बात कही। साथ ही गोविंद के दादा रामकुंवार और मां निर्मल ने अमर उजाला का आभार जताया है।
गांव बिसहान निवासी छह वर्षीय गोविंद ने अपने दादा की ही दुकान से दो साल पहले कास्टिक सोडा गलती से खा लिया था। इससे उसके गले में दिक्कत हो गई थी, जो अब तक ठीक नहीं हुई।
पिछले डेढ़ साल से गोविंद कुछ खा-पी नहीं पा रहा है। इसी कारण डॉक्टरों ने उसके पेट में एक नली लगा दी थी, जिसमें इंजेक्शन के माध्यम से पेट तक सिर्फ तरल पदार्थ ही डाले जाते थे।
डेढ़ साल से एक निवाला या एक घूंट पानी तक पी कर गोविंद ने नहीं देखा था। इस समस्या को लेकर गोविंद का दादा रामकुंवार कई बार उसे पीजीआई ले गया था। मगर पीजीआई के डॉक्टर उसके ऑपरेशन के लिए हर बार तारीख पर तारीख दे रहे थे।
इस मामले को अमर उजाला ने बुधवार को ‘मासूम के लिए बीमारी बनी श्राप’ हेडिंग के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अमर उजाला में समाचार छपने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया तथा बृहस्पतिवार को बच्चे को जांच के लिए बुलाया गया।
बेरी में जांच करने के बाद उसे सिविल अस्पताल लाकर उसका चेकअप किया गया। डॉक्टरों ने आश्वासन दिया है कि अब जल्द ही पीजीआई में बच्चे का ऑपरेशन कर दिया जाएगा।