झज्जर। बारिश के दिनों में अब कासनी माइनर ओवरफ्लो नहीं होगी। माइनर में आने वाले अतिरिक्त पानी को पाइपों के जरिये पंपिंग कर आउटफॉल ड्रेन नंबर-8 में निकाला जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग की तरफ से एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को भेजा था जो अब पास हो गया है। विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए आनलाइन टेंडर भी जारी कर दिए हैं।
इस प्रोजेक्ट पर तीन करोड़ तीन लाख 68 हजार रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान है। एक अप्रैल तक इसके लिए ऑनलाइन टेंडर मांगे गए हैं। उसके बाद विभाग बोली लगाएगा। वर्क ऑर्डर जारी होने के चार माह में यह काम पूरा करना होगा। सिंचाई विभाग पहले टेल तक एक हजार एमएम की पाइप लाइन डालेगा।
उसके बाद टेल पर पंप हाउस बनाया जाएगा। पंप हाउस से आगे आउट फॉल ड्रेन नंबर-8 तक 450 एमएम की पाइप लाइन डाली जाएंगी ताकि टेल तक आने वाले पानी को पंपिंग करके पाइपों के जरिये आउटफॉल ड्रेन नंबर-8 में पहुंचाया जा सके।
पाइप लाइन डलने से टेल के आसपास के खेतों की फसलें को नुकसान नहीं होगा। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। इससे चंदौल, ढाकला, कासनी के ग्रामीणों को फायदा होगा।
पानी भरने से फसल हो जाती है खराब
ज्यादा बारिश होने पर हर साल किसानों की फसल खराब हो जाती है। कासनी माइनर को डिवाटरिंग के लिए प्रयोग किया जाता है। ज्यादा पानी होने पर यह माइनर टूट जाती है जिससे आसपास के किसानों की फसल को आर्थिक नुकसान पहुंचता है।
पिछले साल पूरे जिले में हुआ था बारिश के पानी से नुकसान
पिछले साल 2025 में पूरे जिले में सीजन के दौरान काफी बारिश हुई थी। इस कारण जिले के अधिकतर गांवों में पानी भर गया था और किसानों की फसल को नुकसान हुआ था यहां तक की कई घरों तक को नुकसान पहुंचा था। आज भी कई जगहों पर खेतों में पानी भरा हुआ है।
वर्जन
कासनी माइनर में बारिश के दौरान ओवरफ्लो होने पर टूट जाती थी। इस कारण किसानों को फसलों को नुकसान पहुंचता था। इस बार यहां पर पाइपों के जरिये और पंप लगाकर पानी निकासी आउटफॉल ड्रेन नंबर-8 में जाएगी ताकि किसानों की फसल को नुकसान न हो।
पुनीत साहनी, एक्सईएन, सिंचाई विभाग