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अब रात में भी चलेगा धरना, हर रोज 100 लोग रुकेंगे

Thu, 02 Feb 2017 01:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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झज्जर। राशलवाला चौक पर चल रहे जाटों के धरने पर बुधवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पहुंचे तो धरनास्थल पर भारी भीड़ जुट गई। धरने पर जहां औसतन भीड़ सैकड़ों में ही जुटती थी, वहीं बुधवार को मलिक की मौजूदगी ने इसे बढ़ाकर हजारों में कर दिया। वहीं भीड़ से गदगद यशपाल मलिक भी पूरे जोश में नजर आए। उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि अब धरना दिन में ही नहीं रात को भी शुरू किया जाए।  उन्होंने कहा कि सरकार ने रासुका लगाकर तानाशाही प्रथा का संकेत दिया है, उन्होंने कहा कि अगर सरकार को रासुका लगानी ही थी तो वहां लगाते जहां हमारे जवानों पर आए दिन पत्थर बरसाए जाते हैं। यहां तो लोग 36 बिरादरी के साथ शांतिपूर्वक अपनी मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। मलिक ने कहा कि अगर जाटों ने अपना कानून लागू कर दिया तो सरकार को भारी दिक्कत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर जाटों ने धरनों की संख्या बढ़ाते हुए गांव स्तर पर धरने शुरू कर दिए तो सरकार की रासुका फेल हो जाएगी क्योंकि देश में फौज 14 लाख है और प्रदेश में जाटों की संख्या अढ़ाई करोड़। ऐसे में प्रदेश सरकार कहां-कहां सेना और पुलिस को तैनात करेगी।
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बातचीत की जरूरत नहीं, जाटों को रिहा करे सरकार
यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार से बात करने का न्यौता मिलने या फिर बात करने की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर सरकार जाटों के बच्चों को जेलों से रिहा करते हुए उनके मुकदमे खारिज कर दे तो समाज के लोग अपने आप धरनों को खत्म कर देंगे। लेकिन सरकार की नीयत साफ नहीं है, इसलिए सरकार केवल प्रदेश के लोगों को गुमराह करती है। वहीं उन्होंने कृषि मंत्री ओपी धनखड़ और वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वो अब जाट समाज के नेता नहीं रहे, अगर होते तो वे समाज का पक्ष में खड़ा होने की बजाए भाजपा की बोली नहीं बोलते।

कैमरों को घूमाया, कर्मचारी निकाला पंडाल से बाहर
यशपाल मलिक के पहुंचते ही जोश में आए जाट युवाओं ने सरकारी कैमरामैन को पंडाल से बाहर कर दिया और माइक पर प्रशासन को साफ संदेश दिया कि किसी भी सरकारी कर्मचारी ने धरने की वीडियोग्राफी करने की कोशिश की तो इस बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं धरनास्थल पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का फेस भी धरनास्थल से दूसरी तरफ कर दिया गया।
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मलिक ने किया आह्वान तो चंदा काउंटर पर लगी भीड़
धरने पर आए लोगों से जब यशपाल मलिक ने चंदा देने का आह्वान किया तो चंदा काउंटर पर दान देने वालों की भीड़ लग गई। इसके चलते धरने को लाखों रुपये का चंदा बुधवार को मिला। वहीं कुछ लोगों ने तो एक-एक दिन का पूरा खर्च उठाने की भी घोषणा की।

कादियान खाप से पहुंचा ट्रैक्टर का काफिला, उठी प्रधान बदलने की आवाज
धरने पर कादियान खाप के लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों के काफिले के साथ पहुंचे। जहां पर सभी 12 गांवों के लोगों ने वहां पर बताया कि प्रधान धरने पर नहीं आया लेकिन पूरी खाप के लोग आए हैं। वहीं धरने से यशपाल मलिक के जाते ही कादियान खाप के लोगों ने प्रधान को बदलने के लिए मीटिंग शुरू कर दी। इस पर संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि प्रधान बदलने का फैसला खाप के चबूतरे पर लिया जाता है, इसलिए ये फैसला खाप में पहुंचकर ही करें।

प्रशासन ने दूर से ही रखी धरने पर नजर
यशपाल मलिक के धरने पर आने की खबर को लेकर प्रशासन ने धरनास्थल के नजदीक तैनात पुलिस बल को वहां से हटाते हुए काफी दूर कर दिया। वहीं प्रशासन के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ही धरने के सामने बने मैदान में ही नजर रखते रहे। सीटीएम विजय मलिक, तहसीलदार नेहा सहारण, बीडीपीओ आशीष मान सहित अनेक अधिकारी धरने पर नजर रखे हुए थे।

ये नेता रहे धरने में शामिल
धरने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के अलावा राष्ट्रीय महासचिव सुमेर गहलोत, निशा चौधरी, दिल्ली प्रधान रोहताश हुड्डा, झज्जर जिला प्रधान जितेंद्र धनखड़, सुरेश फौगाट, धनखड़ खाप प्रधान के बेटे अजय धनखड़ सहित काफी खापों के प्रधान भी मौजूद रहे।
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