शहर में मनोरंजन का खास माध्यम केबल टीवी पर शहर की सरकार की नजर टेढ़ी हो गई है। नगर परिषद ने मंगलवार को केबल संचालकों के नाम जारी किए नोटिस में डिश और केबल लगाने की स्वीकृति के दस्तावेज दिखाने के निर्देश जारी किए हैं। यह नोटिस कुल सात केबल संचालकों के नाम जारी किए गए हैं। पांच दिन में संबंधित दस्तावेज न दिखाने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
असल में परिषद की तरफ से जारी यह नोटिस आनन-फानन में उठाया कदम जान पड़ता है, क्योंकि पहली बात यह है कि फिलहाल शहर में चल रहा केबल नेटवर्क सिटी केबल कंपनी का है। इन्हें नोटिस में केबल संचालक कहा गया है वे सभी कंपनी के लाइन होल्डर (एलओसी) हैं। दूसरी बात नोटिस में जो डिश की मंजूरी के दस्तावेज मांगे गए हैं असल में तो कोई डिश प्रयोग हो ही नहीं रही। ये तो कंपनी की लाइन से केबल सिग्नल्स चलाए जा रहे हैं। इससे साफ है कि नप की तरफ से यह नोटिस बिना किसी तैयारी और बिना कोई जानकारी जुटाए भेजे गए हैं। इसका एक और उदाहरण ये है कि शहर में कंपनी के 40 लाइन होल्डर हैं जबकि नोटिस महज सात लोगों के ही नाम जारी किए गए हैं। अब क्या यह महज कुछ लोगों को निशाना बनाते हुए जान बूझकर परेशान करने के लिए की गई कार्रवाई है? या फिर अधिकारियों की अज्ञानता है। ऐसे में नप की यह कवायद सवालों के घेरे में है। यहां एक बात और गौर करने वाली है कि केबल लाइसेंस डाकखाने द्वारा जारी किए जाते हैं और वह भी केबल संचालकों के पास हैं। जानकारों की मानें तो इस कवायद का नगर परिषद को लाभ होने वाला नहीं है। परिषद को कंपनी के नाम नोटिस देना चाहिए क्योंकि अंडरग्राउंड वायर भी केबल कंपनी की है। इन कथित केबल संचालकों की नहीं है।
इनके नाम है नोटिस
नप सचिव की तरफ से मंगलवार को केबल संचालकों के नाम जारी नोटिस में डिश और केबल लगाने की स्वीकृति के दस्तावेज आगामी पांच दिन में दिखाने के निर्देश दिए गए हैं। ये नोटिस अशोक कुमार नाहरा नाहरी रोड, सुरेंद्र केबल, दहिया केबल महाबीर पार्क, पूजा केबल सेक्टर-6, विजय केबल बादली रोड, सोनू केबल और बाले केबल के नाम जारी किए गए हैं। कुछ लोगों को यह नोटिस मंगलवार को ही मिल गया, जबकि कुछ को नोटिस पहुंचने का इंतजार है।