झज्जर। शिक्षा विभाग की तरफ से अब प्रदेश के हर जिले में पोषण वाटिकाएं तैयार की जाएंगी। यह वाटिकाएं केवल उन्हीं सरकारी स्कूलों में खोली जाएंगी, जहां पर आधा एकड़ या इससे अधिक जमीन उपलब्ध होगी। मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय की तरफ से प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
शिक्षा विभाग ने अब प्रदेश के हर जिले में एक पोषण वाटिका बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए निदेशालय की तरफ से जिले के एक सरकारी स्कूल का नाम मांगा गया है। जिन स्कूलों में आधा एकड़ या उससे अधिक जमीन उपलब्ध होगी, केवल उसी स्कूल में पोषण वाटिका तैयार की जाएगी। इस पोषण वाटिका में हरी सब्जियों के पेड़-पौधों के अलावा चीकू, अमरूद, आम, पपीता, अनार, अंगूर, ड्रेगन फ्रूट, नीम, तुलसी के पौधे लगाए जाएंगे। जिला स्तर पर स्कूल का चयन कर उसका नाम मुख्यालय को भेजना होगा।
स्कूलों में खोले जाएंगे हर्बल गार्डन
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हर्बल गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। इसके लिए हरियाणा सरकार स्कूलों को परिसरों में गार्डन बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसका मकसद औषधीय खेती को बढ़ाने, उपयोग की जानकारी छात्रों को देना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके लिए मौलिक शिक्षा के महानिदेशक ने अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्कूलों में उपयुक्त जगह है, वहां 500 वर्ग मीटर में ये हर्बल गार्डन तैयार किए जाएंगे। इसके रखरखाव के लिए केंद्र सरकार इन स्कूलों को 5 साल तक अनुदान राशि देगी। इन स्कूलों को पहले साल 25 हजार रुपये और अगले 4 चार सालों तक हर वर्ष सात हजार रुपये रखरखाव के लिए दिए जाएंगे। इन हर्बल गार्डन में मेथी, धनिया, पालक, पुदीना, आंवला, हल्दी, कढ़ी पत्ता, तुलसी पत्ता और आजवाइन जैसे पौधे लगाए जाएंगे। इनका प्रयोग मिड-डे-मिल में हो सकेगा।
जिले के एक सरकारी स्कूल में पोषण वाटिका व अन्य सभी में हर्बल गार्डन खोले जाने की विभाग की योजना है। इसका पत्र मिल चुका है। पोषण वाटिका के लिए एक स्कूल का चयन कर मुख्यालय को रिपोर्ट जल्द भेज दी जाएगी।
- वीरेंद्र मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी