झज्जर। सरकारी डॉक्टरों की अनिश्चित काल हड़ताल के बावजूद बुधवार को झज्जर के सिविल अस्पताल में ओपीडी जारी रही लेकिन मरीजों की संख्या कम रही। अब सभी प्रकार के ऑपरेशन बंद हो गए हैं। अब तक आंखों के ऑपरेशन हो रहे थे लेकिन बुधवार को आई सर्जन भी हड़ताल पर चली गईं जिस कारण ऑपरेशन नहीं हुए।
हड्डी व जनरल ऑपरेशन पहले ही बंद हैं। मरीजों को आगे की डेट दी जा रही हैं। बुधवार को ईएनटी डॉक्टर काम पर वापस लौट आए। इसके अलावा सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से 23 प्रोबेशनल डॉक्टरों को नोटिस जारी कर काम पर वापस आने के आदेश दिए हैं।
बुधवार जिले में 3,211 ओपीडी हुई है। इसके अलावा कुल 6 ऑपरेशन किए गए जिसमें बेरी और बहादुरगढ़ में एक-एक सिजेरियन और बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल में 4 आंखों के आंखों के ऑपरेशन और दो पोस्टमार्टम हुए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुधवार को 201 में से 125 डॉक्टर हड़ताल पर रहे जबकि एसोसिएशन की प्रधान डॉ. आकृति हुड्डा ने कहा कि हमारे 95 प्रतिशत डॉक्टर पर हड़ताल हैं। प्रोबेशनल चिकित्सकों को नोटिस दिए गए हैं जो गलत है। विभाग केवल व्यक्तिगत रूप से कुछ करने पर नोटिस दे सकता है लेकिन यह सामूहिक हड़ताल है।
दिव्यांगों का बैठा बोर्ड, 7 सर्टिफिकेट हुए जारी
बुधवार को सरकारी अस्पताल में दिव्यांगों का बोर्ड बैठता है जिसमें आंखों, काम, हड्डी रोग विशेषज्ञ शामिल होते हैं। यह सभी दिव्यांगों के सर्टिफिकेट बनाने का काम करते हैं। हड़ताल के चलते बुधवार को बोर्ड देरी से बैठा। लगभग 12 बजे डॉक्टर पहुंचे लेकिन तब तक कई दिव्यांग वापस जा चुके थे।
बुधवार को कुल 7 सर्टिफिकेट जारी किए गए जिसमें 6 ओर्थो और एक ईएनटी का था।
वर्जन
वह बुधवार को अपना कार्ड रिन्युअल करवाने आए थे लेकिन बोर्ड में आंखों के डॉक्टर नहीं थे। जब ओपीडी में जांच के लिए गए तो वहां पर मशीन नहीं होने की बात कही गई। अब उसे अगले बुधवार को आने के लिए कहा गया है।
चंद्रपाल, निमाणा गांव
वर्जन
गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड की पर्ची नहीं काटी जा रही। वह दो दिन पहले भी आई थीं लेकिन डॉक्टर्स नहीं होने कि बात कहकर पर्ची नहीं दी। बुधवार को भी पर्ची नहीं काटी गई है।
आरती, सुरहेती
वर्जन
जिले में 3,211 ओपीडी हुई। झज्जर सरकारी अस्पताल में दिव्यांग बोर्ड में 7 सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। कुछ को रोहतक रेफर किया गया है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जा रही। प्राेबेशनल डॉक्टरों को नोटिस जारी कर काम पर वापस आने को कहा गया है।
डॉ. तीर्थ बागड़ी, कार्यकारी सिविल सर्जन
10jjrp16- महिला रोग विशेषज्ञ ओपीडी के बाहर लगी महिलाओं की भीड़। संवाद
10jjrp16- महिला रोग विशेषज्ञ ओपीडी के बाहर लगी महिलाओं की भीड़। संवाद
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