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खराब लिंगानुपात पर दो सीएचसी और तीन पीएचसी प्रभारियों को नोटिस

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notice - फोटो : Jhjhar
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लिंगानुपात को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिसका परिणाम है कि साल 2018 के मुकाबले साल 2019 में लिंगानुपात में सुधार हुआ है। 1000 लड़कों के पीछे लड़कियों की संख्या 875 से बढ़कर 914 हो गई है। वहीं खराब लिंगानुपात पाए जाने वाले दो सीएचसी व तीन पीएचसी प्रभारियों को नोटिस जारी कर विभाग ने जवाब मांगा है। नोटिस दिए जाने वाले केंद्रों में सीएचसी डीघल व बादली तथा पीएचसी सिलानी, कानौंदा व माछरौली शामिल हैं। सीएमओ ने इनके प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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लिंगानुपात की क्या रही दर
केंद्र लिंगानुपात
सीएचसी डीघल 892
सीएचसी बादली 846
पीएचसी सिलानी 862
पीएचसी कानौंदा 787
पीएसचसी माछरौली 862
लेट रजिस्ट्रेशन पर इनसे किया गया जवाब तलब
गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन शुरूआत 12 सप्ताह के बाद करने के लिए 14 उप स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। विभाग के द्वारा इसे बड़ी लापरवाही माना जा रहा है क्योंकि गर्भवती महिलाओं का रिकार्ड अधिकतम आठ सप्ताह तक दर्ज करवाना अनिवार्य है। बरहाना, बराही, छारा, गुढ़ा, गोयला कलां, दुल्हेड़ा, कानौंदा, रोहद, परनाला, लुहारी, लडरावन, कोलीपुर, आसौदा, अकेहड़ी मदनपुर के उप स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
लिंगानुपात को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग है। विभाग के द्वारा साल 2019 में 12 पीएनडीटी व दो एमटीपी की सफल रेड हुई थी। वहीं विभागीय तौर पर खराब लिंगानुपात वाले पीएसची व सीएचसी प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं 14 उप स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को गर्भवती महिलाओं का लेट रजिस्ट्रेशन करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
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-डा. आरएस पूनियां, सीएमओ, झज्जर।
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