19 फरवरी को होने वाले बलिदान दिवस को देखते हुए प्रशासन के द्वारा चौकसी बढ़ा दी गई है। वहीं नाकों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा सरकार ने प्रशासन की मदद के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आरआर जोवल को झज्जर भेजा है। राशलवाला चौक की ओर जाने वाले रास्तों पर भी पुलिस बल को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस के द्वारा शहर के अधिकतर चौराहों पर अस्थायी बंकर बनाए गए हैं, जिन पर हथियारबंद कर्मियों को तैनात किया गया है।
वहीं मांगों को लेकर राशलवाला चौक पर जारी जाटों के धरने पर शुक्रवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि बलिदान दिवस पर एक बजे घोषणा की जाएगी कि आगे के आंदोलन की रणनीति क्या रहेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन में अब यूपी, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के जाटों की मदद भी ली जा सकती है। वहीं उन्होंने कृषिमंत्री ओपी धनखड़ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि धनखड़ संकट की घड़ी में समाज के साथ नहीं खड़े होंगे तो वे भविष्य में पार्षद भी नहीं बन पाएंगे। यशपाल मलिक के साथ धरने पर पहुंचे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा ने कहा कि धरने पर बलिदान दिवस के दिन अगर एक लाख की भीड़ यहां होगी तो सड़क पर ट्रैफिक जाम भी हो सकता है, लेकिन इसकी टेंशन आप मत लेना।