झज्जर। जिले में राजकीय कालेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने शुक्रवार को सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताते हुए सड़कों पर गोलगप्पे, गुब्बारे और भेलपूरी बेची और मेहनत से 125 रुपये कमाकर डीसी ऑफिस में जमा करवाए। मांगों को लेकर एक्सटेंशन लेक्चरर्स का धरना शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन धरना जारी रहा। इसके बाद धरने पर बैठे सदस्यों ने डीसी के माध्यम से आवाज को प्रदेश मुखिया तक पहुंचाने का प्रयत्न किया, लेकिन डीसी के कार्यालय में ना मिलने के कारण उन्होंने सीटीएम को अपना मांग पत्र सौंपा।
एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष जितेंद्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को उन्होंने अपनी डिग्रियों की प्रतियां जलाकर काला दिवस मनाया था। इसके बाद तहसीलदार ने धरनास्थल का दौरा कर उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया था। जिला प्रधान डॉ. राजपाल ने बताया कि सरकार एक तरफ 7वें वेतन आयोग को लागू करने, भर्तियों में पारदर्शिता व समान काम समान वेतन लागू करने की बात कर रही है तो दूसरी तरफ कॉलेज के एक्सटेंशन लेक्चरारों को मजदूरों की तरह दिहाड़ी दी जा रही है। इसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे और जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती है तब तक शांतिपूर्वक धरना जारी रहेगा। कॉलेज प्रधान सुखबीर ने बताया कि मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री व वित्तमंत्री बार-बार झूठी घोषणाएं कर रहे हैं कि इनका वेतन 18 हजार से बढ़ाकर 25 हजार कर दिया गया है और यह सिलसिला पिछले एक वर्ष से चल रहा है। उन्होंने बताया कि एक्सटेंशन लेक्चरारों को 18 हजार रुपये प्रतिमाह भी नहीं मिल रहे हैं। डॉ. नीरज ने बताया कि धरने के कारण एक्सटेंशन लेक्चरार व विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है और धरने का कारण सरकार की गलत नीतियां हैं। उन्होंने एक्सटेंशन लेक्चरारों व विद्यार्थियों से कोई अनावश्यक कदम न उठाने व शांति बनाए रखने का अनुरोध किया।
लिखित आदेश आने तक जारी रहेगा धरना
मीडिया प्रभारी अरुण ने बताया कि जिले के सभी राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययन कार्य ठप्प पड़े हैं और एक्सटेंशन लेक्चरार धरने पर व विद्यार्थी सड़कों पर घूम रहे हैं। शुक्रवार को शिक्षामंत्री द्वारा मीडिया में वेतन 25 हजार रुपये किए जाने का आश्वासन भी दिया गया लेकिन एक्सटेंशन लेक्चरारों ने कहा कि जब तक उन्हें लिखित में सूचना नहीं मिलती वे धरना जारी रखेंगे। धरने में राजकीय महाविद्यालय झज्जर, बादली, दुजाना, दूबलधन, छारा, बहु, बिरोहड़ के एक्सटेंशन लेक्चरार पंकज, निशा, पवन, सुदेश, सविता, सीमा, सत्यव्रत, राजमल, राकेश आदि शामिल रहे।