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Jhajjar-Bahadurgarh News: 34 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के लिए किया गया नामांकन

Mon, 11 Nov 2024 02:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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10jjrp22- झज्जर। मीटिंग के दौरान टीबी अ​भियान पर चर्चा करते हुए स्वास्थय विभाग के अ​धिकारी। स्त
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झज्जर। जिले को टीबी मुक्त करने के लिए टीबी मुक्त पंचायत अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष अभी तक 34 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के लिए नामांकित किया गया है। अभी यह संख्या और बढ़ सकती है, जिसके बाद अगले महीने स्वास्थ्य विभाग की टीम अपने पैमानों पर टीबी मुक्त पंचायतों का चयन करेगी।
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2025 में भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए टीबी मुक्त पंचायत अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम समय-समय पर गांवों में कैंप लगाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक कर रही है। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम की तरफ से इस वर्ष 34 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के लिए नामांकित किया गया है। अगले महीने मुख्यालय से स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले के जिन गांवों को नामांकित किया है वहां का दौरा कर अपने तय पैमानों पर टीबी मुक्त पंचायतों का चयन करेगी। 24 मार्च 2025 को जिला उपायुक्त की ओर से सभी पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। पिछले वर्ष जिले में 26 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घाेषित किया गया था।


इन ग्राम पंचायतों को किया गया टीबी मुक्त के लिए नॉमिनेट
जिले में मांगावास, सूरजगढ़, भालगढ़, बमबुलिया, जटवाड़ा, सरोला, चांदपुर, छबीली, खेराथरू, बाजितपुर, कालियावास, दिमान, लकड़िया, भंभेवा, कैमलगढ़, बीड सुनार, पाहसौर, माजरी, जगरतपुर, गंगड़वा, सौंधी, निमाणा, कुकडौला, एमपी माजरा, लगरपुर, रामपुरा, ढाणी इस्लामगढ़, खेड़ी होशदारपुर, बिलोचपुरा, शाहजहांपुर, बिठला गांवों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के रूप में नॉमिनेट किया गया है।
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टीबी मुक्त गांवों को नामांकित करने के पैमाने

- बलगम की जांच 1000 की आबादी पर 30 सैंपल होने चाहिए।

- एक हजार टीबी टेस्ट में से केवल एक मरीज टीबी का मिलता है तो भी उस गांव को टीबी मुक्त माना जाएगा।

- पिछले वर्ष जो टीबी के मरीज मिले थे, जिनका इलाज पूरा हो चुका है और अब ठीक हो चुके है उन गांवों को भी टीबी मुक्त माना जाएगा।

- टीबी के जो पहले मरीज थे उन्हें निक्षय पोषण योजना पूरी मिली होनी चाहिए।

- टीबी से ठीक हुए मरीज का सी-बी नॉट टेस्ट हुआ होना चाहिए।

- निक्षय पोषण किट मिली हुई होनी चाहिए।





2025 में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मुक्त पंचायत अभियान चलाया गया है। इस साल अभी तक टीबी मुक्त पंचायत के तहत 34 गांवों की पहचान की गई, लेकिन अभी करीब डेढ़ महीना बाकी है। यह संख्या और ज्यादा हो सकती है। अगले महीने स्वास्थ्य विभाग की टीम टीबी मुक्त पंचायतों का चयन करगी।
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- डॉ. कुनाल कादयान, जिला टीबी नोडल अधिकारी, झज्जर
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