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निधि हत्याकांड : आरोपी नरेंद्र ने जंगले में से पेट्रोल डाल लगाई थी आग

Sun, 04 May 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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03jjrp14- हिमांशु उर्फ नि​धि। - फोटो : kathua
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साल्हावास। गत 27 अप्रैल को धारौली स्थित घर में लगी आग से एक युवती की मौत और दूसरी के झुलसने के मामले में पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। फिलहाल इस मामले में पकड़े गए रेवाड़ी के धुडकवास निवासी व कोमल के जेठ नरेंद्र से रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नरेंद्र किराए की गाड़ी लेकर धारौली गांव पहुंचा था।
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निधि के शादी से मना करने के बाद वह मन में रंजिश पाले हुए था। उसने पेट्रोल की बोतल में कपड़ा भिगोकर जंगले में से कमरे में फेंक दिया और उसके बाद आग लगा दी। पेट्रोल छिड़कने से पहले उसने निधि को भी पहचान लिया था कि इस कमरे में निधि ही सोई हुई है, क्योंकि उसके पास कोई बच्चा नहीं सोया हुआ था। इसलिए उसे यह विश्वास हो गया था कि यह निधि ही है और उसने आग लगाकर वारदात को अंजाम दे दिया।


वारदात को अंजाम देकर गाड़ी की लाइट बंद कर भागे आरोपी

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले कोमल के जेठ नरेंद्र ने नशीले पदार्थ का सेवन किया हुआ था। गाड़ी में बैठे उसके साथी भी नशे में थे। नरेंद्र ने अपने बैग में चार लीटर पेट्रोल डाला हुआ था। नरेंद्र के साथ उसके मामा के गांव का लड़का और एक अन्य गांव का लड़का था। वारदात को अंजाम देने के बाद गाड़ी के मालिक को पता चल गया था कि नरेंद्र ने निधि के घर में आग लगा दी है, इसलिए आरोपी व उसके साथी गाड़ी की लाइट बंद करके गाड़ी को भगा ले गए ताकि कैमरे में यह घटना दर्ज ना हो। जबकि वारदात करने से पहले निधि के घर पहुंचने के दौरान गाड़ी की लाइट जली हुई थी।
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दरवाजे से बाहर निकलते समय झुलसी कोमल

आग लगने के बाद निधि दरवाजे पर मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। इसी दौरान कोमल ने जब देखा कि घर में आग लग चुकी है तो वह बचाव करने के लिए अपने बेटे को लेकर घर से बाहर की तरफ भागी तो आग की चपेट में वह भी आ गई। इस दौरान उसके हाथ और मुंह जल गए। वहीं जंगले से निकली लपटों से आरोपी नरेंद्र भी झुलस गया था।



आग बुझने के बाद पहुंची थी फायर ब्रिगेड की गाड़ी

निधि हत्याकांड में सबसे बड़ी बात यह रही कि जब कोमल ने घर में आग लगने पर शोर मचाया तो पड़ोसियों और ग्रामीणों ने आग को बुझाया था। पड़ोसियों ने ही डायल 112 पर पुलिस को आग लगने की सूचना दी थी। इस मामले में फायर ब्रिगेड की गाड़ी समय पर नहीं पहुंच पाई। फायर ब्रिगेड की गाड़ी जब पहुंची, तब तक आग बुझ चुकी थी और निधि मर चुकी थी।


सवाल : वारदात का पता लगने पर भी गाड़ी मालिक ने गाड़ी क्यों भगाई

निधि हत्याकांड में आग लगने के बाद जब गाड़ी चालक को यह बात पता चल गई थी कि नरेंद्र ने बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया है तो वे गाड़ी की लाइट बंद करके गाड़ी में साथियों सहित बैठकर फरार हो गए। आखिर उन्होंने यह सूचना पुलिस को भी देनी जरूरी क्यों नहीं समझी।
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