झज्जर। अपनी वेतन आदि कई मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार को 11 बजे से 12 बजे तक एक घंटा कार्य बहिष्कार किया। इस कारण मरीजों को परेशानी हुई।
एनएचएम कर्मचारी संगठन जिला प्रवक्ता संदीप कुमार जांगड़ा ने बताया कि पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों की पूर्ति के लिए आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी कार्य एक घंटे के लिए रोक दिया। कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए एक घंटे का वर्क सस्पेंड किया गया और एक घंटे का वर्क सस्पेंड प्रदर्शन 26 एवं 27 जून को भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन आम जनता पर भारी पड़ रहा है लेकिन सरकार का कोई जवाब तक नहीं मिल रहा है।
एनएचएम कर्मचारी संगठन हरियाणा के जिला प्रधान अरुण वर्मा ने बताया कि 21 जून को हुई वार्ता में बनी सहमति उपरांत 7वें वेतन आयोग की फाइल गत सोमवार को फिर से अनुमोदना हेतु वित्त विभाग में भेजी गई थी, परन्तु वित्त विभाग ने अपना अड़ियल रुख जारी रखते हुए ओर मुख्यमंत्री की अनुमोदना को दरकिनार करते हुए रिजेक्ट कर दिया। जो दुर्भाग्यपूर्ण है। संगठन ने अपने इन्हीं कड़वे अनुभवों के कारण दबाव हेतु आंदोलन पर जाने का निर्णय लिया था। हरियाणा में कार्यरत सभी एनएचएम कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से पुनः अनुरोध किया कि जनहित ओर कर्मचारी हित में वे मामले में हस्तक्षेप करके वित्त विभाग से 7वें वेतन आयोग की फाइल को क्लीयर करके लागू करवाएं ताकि बाकी मुद्दों के लिए बातचीत का माहौल बने और प्रदेश की जनता को कठिनाई ना हो। एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन की उग्रता बढ़ेगी इसके गंभीर परिणाम होंगे, क्योंकि वर्तमान सरकार का भी 5 वर्ष का अनुबंध अक्तूबर में समाप्त हो रहा है।