मंगलवार सुबह झज्जर-रेवाड़ी मार्ग पर गांव सिलानी के बाईपास पर हुए हादसे में एक युवक की मौत गई, वहीं एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे को अंजाम देने वाला ट्रोला चालक मौके से फरार हो गया। दुघर्टना की सूचना मिलने पर गुस्साए ग्रामीणों ने झज्जर-रेवाड़ी मार्ग पर सिलानी बाइपास जाम कर दिया।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से शव को पोस्टमार्टम के लिए और घायल को इलाज के लिए झज्जर सामान्य अस्पताल पहुंचाया। चुनावी मौसम में जाम की सूचना मिलने पर प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए।
तहसीलदार प्रमोद चहल और डीएसपी अनूप सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण बाईपास पर पुल या चौक बनाने की मांग पर अड़े रहे।
जैसे-जैसे समय बीतता गया, लोगों की भीड़ बढ़ती गई और साथ ही गुस्सा। दोपहर बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बाईपास को बीचों-बीच सड़क को खोदकर रास्ता बिल्कुल बाधित कर दिया।
देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
करीब छह घंटे जाम के बाद शाम के समय एसडीएम सतेंद्र दूहन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को बाईपास के चारों ओर जल्द स्पीड ब्रेकर बनवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया, जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
काम से झज्जर आ रहे थे युवक
जानकारी के अनुसार पवन पुत्र राज सिंह व प्रदीप पुत्र ओमप्रकाश निवासीगण सिलानी मंगलवार सुबह करीब साढ़ेे ग्यारह बजे अपनी बाइक पर सवार होकर किसी काम से झज्जर आ रहे थे।
गांव के बाईपास पर रेवाड़ी की ओर से तेज गति से आ रहे एक ट्रॉले ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में पवन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रदीप का झज्जर के सामान्य अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
जमा हुए ग्रामीण, लगा दिया जाम
गांव के युवक की मौत की खबर जैसे ही ग्रामीणों को लगी उनका गुस्सा भड़क गया। आक्रोशित ग्रामीण बाईपास पर आकर डट गए और मार्ग जाम कर दिया।
ग्रामीणों की सिर्फ एक ही मांग थी कि या तो बाईपास पर पुल बनाया जाए या फिर चौक, जिससे हादसे न हों।
एसडीएम के आश्वास पर माने
घटना के बाद सूचना पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार और डीएसपी ने ग्रामीणों को समझाने का बहुत प्र्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एक भी नहीं सुनी।
बल्कि बाईपास को बीचोंबीच सड़क खोद दी। शाम को एसडीएम सतेंद्र दूहन ने मौके पर पहुंच, ग्रामीणों को समझाया और जाम खुलवाया।
पहले भी हुई हादसे
ग्रामीणों का कहना है कि बाईपास पर चौक न होने के चलते वाहन चालकों का स्पीड पर कंट्रोल नहीं होता। इसके चलते कोई न कोई हादसा होता ही रहता है। उन्होंने कहा कि बाईपास पर हादसों में गांव के ही कई लोगों की जान जा चुकी है।
यह बोले एसडीएम
एसडीएम सतेंद्र दूहन ने बताया कि दुर्घटना से नाराज ग्रामीणों ने झज्जर-रेवाड़ी मार्ग पर सिलानी बाईपास पर जाम लगाया था।
ग्रामीण बाईपास पर चौक या पुल बनवाने की मांग कर रहे थे। लेकिन ग्रामीणों को बाईपास पर जल्द स्पीड ब्रेकर बनवाने के आश्वासन पर जाम खुलवाया है। जल्द ही स्पीड ब्रेकर बनवा दिए जाएंगे ताकि दुर्घटनाएं न हो।
नेता भी पहुंचे सांत्वना देने
सड़क दुर्घटना में युवक की मौत की खबर सुनते ही कई नेता भी सांत्वना देने के लिए मौके पर पहुंचे और शोक प्रकट किया।
सांत्वना देने वालों में भाजपा के बादली से प्रत्याशी ओमप्रकाश धनखड़, कांग्रेस से बादली के प्रत्याशी नरेश शर्मा, बादली से निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप वत्स व पूर्व डिप्टी स्पीकर मनफूल सिंह शामिल रहे। इसके अलावा विभिन्न दलों के स्थानीय नेता भी पहुंचे।