झज्जर। एनडीपीएस एक्ट अधिनियम के तहत पुलिस विभाग की तरफ से जब्त किए गए नशीले पदार्थों को सोमवार को एसडी बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी बालंद में नष्ट किया गया। पुलिस विभाग ने अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर नशे के कारोबार करने वाले लोगों पर कार्रवाई करते हुए उनसे नशीले पदार्थ जब्त किए।
जब्त नशीले पदार्थों को एक कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जाता है ताकि इस प्रकार के नशीले पदार्थों का कोई दुरुप्रयोग न कर सकें। जिला पुलिस ने दर्ज किए 182 मामलों में जब्त किए गए अफीम को नष्ट करने की प्रक्रिया अमल में लाई। वहीं चरस, गांजा, हेरोइन, चुरापोस्त, नशीली दवाईयां और इंजेक्शन को भी नष्ट किया गया।
कमिश्नर आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने बताया कि जिला पुलिस ने नशीली वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज करीब 182 मामलों में जब्त किए गए नशीलों पदार्थों को नष्ट किया है। इस प्रकार के नशीले पदार्थों को नष्ट करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार एक कानूनी प्रक्रिया के तहत एक कमेटी का गठन किया गया था।
कमेटी की अध्यक्षता में नशीले पदार्थ को नष्ट कर दिया गया। इसमें 304.178 किलोग्राम गांजा, 4.820 किलोग्राम चरस, .848 ग्राम हेरोइन, 9 किलो 031 ग्राम चुरापोस्त, डोडा पोस्त .184 ग्राम, 1582 नशीली इंजेक्शन, 120 नशीली टैबलेट/बोतल को नष्ट किया गया।
इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय झज्जर उपायुक्त जसलीन कौर, एसीपी हैडक्वाटर अनिरुद्ध चौहान, स्टेट क्राइम ब्रांच गुरुग्राम नवीन शर्मा, जिला मोर्हर मालखाना सहायक उप निरीक्षक विक्रम कुमार, पीआईटी सैल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक रामअवतार मौजूद रहे।