19jjrp13- झज्जर। बैठक में विचार-विमर्श करते विभिन्न विभागों, गौशालाओं के प्रतिनिधि। स्त्रोत-
झज्जर। शहर में बेहिसाब बढ़ चुके गोवंश को एक बार फिर गौशालाओं में छोड़ा जाएगा। नगर परिषद बेसहारा गोवंश को पकड़ेगा और उनको गुरुग्राम रोड स्थित गौशाला के अलावा बाबा प्रसाद गिरि मंदिर के सामने स्थित प्राचीन गोशाला में छोड़ेगा। यहां पर गोवंश की टैगिंग भी की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया के दिशा-निर्देशन में सचिव एवं सीजेएम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर विशाल ने संबंधित विभागों, गौशाला संचालकों की बैठक वैकल्पिक समाधान केंद्र में ली। इसमें बेसहारा पशुओं को उचित संरक्षण प्राप्त करने बारे तथा इन बेसहारा पशुओं द्वारा होने वाली अप्रिय घटनाएं के निवारण एवं नियंत्रण हेतु विचार-विमर्श किया गया तथा सुझाव मांगे गए। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि बेसहारा पशुओं को उचित संरक्षण में लेने के लिए कमेटी गठित की गई। बैठक में नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने कहा कि नगर परिषद की टीम बेसहारा पशुओं को पकड़ेगी और उसके बाद गौशालाओं में छोड़ेगी। बेसहारा पशुओं को पकड़ने के बाद गुरुग्राम रोड और श्रीप्राचीन गौशाला में उनको छोड़ा जाएगा। सभी पशुओं की गिनती करके उन पर टैगिंग का काम पशुपालन विभाग करेगा। इन पशुओं का पूरा रिकार्ड नगर परिषद की टीम अपने पास रखेगी। यह अभियान बुधवार या वीरवार से शुरू होगा और अगले 20 से 25 दिन में सभी बेसहारा पशुओं को पकड़कर गौशाला में छोड़ा जाएगा।
घायलों को गुरुग्राम रोड गौशाला में छोड़ा जाएगा
घायल बेसहारा पशुओं को गुरुग्राम रोड स्थित गौशाला में छोड़ा जाएगा। इसके लिए नप चेयरमैन ने संचालक सुनील निमाणा से बातचीत की। गौशाला के पास अपनी एंबुलेंस भी हैं, इसके जरिये घायलों बेसहारा गोवंश को लाया जा सकता है।
यह रहे बैठक में मौजूद
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष जिले सिंह सैनी, उपनिदेशक पशुपालन विभाग से डॉ. मनीष डबास, गौशाला प्रधान प्रमोद बंसल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी उमेद सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर से कर्मजीत छिल्लर, डीएमसी ऑफिस से आनंद मौजूद रहे।