इनेलो प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी हत्याकांड की एफआईआर में नाम शामिल होने के बाद बहादुरगढ़ से भाजपा के पूर्व विधायक नरेश कौशिक पहली बार मीडिया के सामने आए हैं। नरेश कौशिक का कहना है कि नफे सिंह राठी की हत्या में उनका कोई हाथ नहीं है। कौशिक का कहना है कि नफे सिंह के परिवार के साथ मेरी सहानुभूति है।
नफे सिंह के परिवार ने गलतफहमी के चलते एफआईआर में मेरा नाम लिखवाया है। इतना ही नहीं नरेश कौशिक का कहना है कि उन्होंने स्वयं भी इस मामले की पूरी जांच सीबीआई से करवाने की मांग सरकार से की है। नफे सिंह हत्याकांड की सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए। नफे सिंह के हत्यारों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
नरेश कौशिक का कहना है कि नफे सिंह राठी से उनके सिर्फ राजनीतिक मतभेद थे। उनकी हत्या वाले दिन भी दोपहर के समय एक सामाजिक कार्यक्रम में उनकी मुलाकात राठी से हुई थी। हम दोनों ने आपस में एक-दूसरे का कुशलक्षेम भी पूछा था।
कौशिक का कहना है कि नफे सिंह राठी हत्याकांड की एफआईआर में नाम शामिल होने के बाद उन्हें भी पुलिस से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की मांग करनी पड़ी है। हालांकि अभी तक पुलिस ने उनकी सुरक्षा नही बढ़ाई है। अभी इस हत्याकांड के बारे में पुलिस ने उनसे किसी तरह की कोई पूछताछ भी नहीं की है। उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, इसलिए वह जनता के बीच मौजूद हैं। गलत काम करने वाले तो शहर छोड़कर भाग गए हैं।
पूर्व विधायक नरेश कौशिक ने नफे सिंह की निर्मम हत्या के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में भय का माहौल रहता था। भाजपा सरकार गरीबों का भला कर रही है। पूर्व में नफे सिंह के खिलाफ दर्ज हुए मामलों में आरोपियों की सिफारिश करने के सवाल पर नरेश कौशिक ने कहा कि मैं सरकार का नुमाइंदा हूं और कोई भी मदद मांगने के लिए आता है तो मैं उनकी मदद करता हूं। प्रशासनिक अधिकारियों को देखना चाहिए कि मेरे द्वारा की गई सिफारिश सही है या फिर नहीं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि नफे सिंह राठी की हत्या का सच जल्द सबके सामने आ जाएगा।