बहादुरगढ़। चेक क्लोन तैयार करके नगर परिषद के बैंक खाते से कार्यकारी अधिकारी अपूर्व चौधरी और नगर परिषद चेयरपर्सन शीला राठी के फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले 89 लाख रुपये के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। शनिवार को थाना शहर पुलिस ने बैंकों से रिकॉर्ड लिया। जांच के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें इस कार्य में जुटी हुई है। पुलिस की एक टीम जहां दिल्ली के लिए रवाना हुई तो दूसर बिहार गई है। दोनों स्थानों पर बैंकों से जांच के साथ-साथ चेक जमा कराए जाने के दौरान की सीसीटीवी भी पुलिस जांच में शामिल करेगी। साथ ही उक्त व्यक्ति की तलाश भी की जा रही है। जिस व्यक्ति के खाते में यह रकम गई है। शनिवार को एक बार फिर आरोपी ने एक्सिस बैंक में 9 लाख 95 हजार का चेक लगाया, जिसे नगर परिषद अधिकारियों ने रुकवा दिया है।
एक माह के अंतराल में नगर परिषद के खाते से अलग-अलग दिनों में कुल 88 लाख 68 हजार रुपये निकाले गए। यह राशि राम आश्रय नामक व्यक्ति ने निकाली है। इसकी भनक अधिकारियों को नहीं लग पाई। जब 6 दिन पहले 9 लाख 93 हजार रुपए का चेक क्लीयरेंस के लिए आया तो यह मामला पकड़ में आया। शनिवार को भी शातिर ने एक्सिस बैंक में नगर परिषद के खाते में 9 लाख 95 हजार रुपये का एक चेक और लगाया गया। उक्त चेक की क्लीयरेंस बैंक प्रबंधक को सूचित कर रुकवाई गई है।
नप अधिकारियों और चेयरपर्सन ने मांगी बैंक अधिकारियों से रिपोर्ट
शनिवार को इस मामले में नप अधिकारियों और चेयरपर्सन ने सभी संबंधित बैंक अधिकारियों को तलब किया और इस बारे में पूरी जानकारी और रिपोर्ट बनाकर नगर परिषद में देने के लिए कहा। इसके साथ-साथ आदेश जारी किए हैं कि अब भविष्य में राशि की ट्रांजक्शन होगी तो उसके लिए चेक नहीं, अन्य किसी माध्यम से नगर परिषद का कर्मचारी बैंक जाकर भुगतान करवाएगा।
पुलिस ने की जांच तेज
थाना शहर पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए दबिश देनी शुरू कर दी है। शनिवार को पुलिस की टीमें दिल्ली की उसी पटेल नगर पीएनबी ब्रांच भी पहुंची जहां से इन चेक के माध्यम राशि को अन्य खातों में पहुंचाया गया था।
बढ़ी हुई हैं अधिकारियों की धड़कनें
नगर परिषद के प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के खाते से 88 लाख 68 हजार रुपये निकाले के जाने के बाद अधिकारियों की धड़कने बढ़ी हुई है। शनिवार को भी अधिकारी इस पूरे मामले को लेकर अपने स्तर पर कार्रवाई को लेकर जुटे रहे। अधिकारियों का कहना है कि सभी चेक नगर परिषद में मौजूद है। उक्त राशि किसी राम आश्रय नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुई है। 23 जुलाई से लेकर 17 अगस्त तक 8 चेकों के माध्यम से उक्त राशि निकाली गई है। उधर, धोखाधड़ी का पता चलते ही कार्यकारी अधिकारी, अनुभाग अधिकारी समेत सभी अधिकारी अपने स्तर पर पड़ताल में जुट गए हैं।
89 लाख निकल गए, अधिकारियों को पता भी नहीं
नगर परिषद के खाते से लगभग माह भर तक 88 लाख 68 निकाले गए। मगर अधिकारियों को इसका पता भी नहीं लगा। किसी भी अधिकारी ने खाते चेक नहीं किए। जबकि खाते संभालने का काम एकाउंट ब्रांच के साथ एसओ के साथ एकाउटेंट का होता है। बताया जा रहा है कि अगर जुलाई माह के अंत में खातों की जांच हो जाती तो इतनी बड़ी राशि नप के खाते से नहीं निकल पाती और यह मामला पहले की पकड़ में आ जाता।
क्या कहते है थाना प्रबंधक
नगर परिषद अधिकारियों की ओर से जो शिकायत दी गई है। उस मामले में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने बैंक अधिकारियों और नगर परिषद अधिकारियों से भी इस मामले को लेकर पूरी जानकारी जुटाएगी। शनिवार को सभी बैंकों से रिकॉर्ड लिया गया है। साथ ही पुलिस की अलग-अलग टीमें दिल्ली और बिहार भेजी गई है। कई पहलुओं पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
-सुनील कुमार, प्रभारी, थाना शहर
साइबर ठगी का है मामला
यह मामला पूर्ण रूप से साइबर ठगी का है। पुलिस को हर प्रकार की जानकारी नगर परिषद द्वारा दी जा चुकी है। वहीं अधिकारियों को और ज्यादा सतर्कता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। नगर परिषद के अधिकारी भी पुलिस का सहयोग कर रहे हैं।
-शीला राठी, चेयरपर्सन, नगर परिषद बहादुरगढ़।