तलाव रोड स्थित मॉडल टाउन में एक घर में घुसकर दो बदमाशों ने छठी कक्षा की एक बच्ची का अपहरण कर लिया।
बदमाश उसे बोरे में डालकर शहर से बाहर खेतों में ले गए। वहां उन्होंने बच्ची को बोरे से बाहर निकाला। बच्ची समझदारी और बहादुरी का परिचय देते हुए मौका मिलते ही दोनों अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बच निकली।
बच्ची ने खेतों में काम कर रहे किसानों को मदद के लिए आवाज लगाई और उनके पास पहुंच गई। बदमाशों ने बच्ची का पीछा कर उसे पकड़ने की कोशिश की, मगर किसानों को देखकर दोनों वहां से भाग निकले।
किसानों ने बच्ची के घर पर फोन कर घटना की सूचना दी तो वे लोग खेतों में पहुंचे। परिजन वहां से सकुशल बच्ची को घर लेकर पहुंचे।
उसके बाद अपहरण की शिकायत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सिटी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मॉडल टाउन निवासी अजय बिजली बोर्ड में नौकरी करते हैं और उनकी पोस्टिंग हिसार में हैं। वे ड्यूटी पर गए हुए थे और वहीं रह रहे हैं।
उनकी पत्नी दो बच्चों के साथ झज्जर की तलाव रोड स्थित मॉडल टाउन कॉलोनी में रहती हैं। मंगलवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे अजय की पत्नी सामान खरीदने के लिए बाजार में चली गई।
वह अपने साथ अपने बेटे को भी ले गईं। घर पर अजय की बेटी छठी कक्षा की छात्रा हन्नी अकेली थी। उसने घर के गेट का ताला अंदर से बंद किया हुआ था।
वह कुछ देर पहले ही ट्यूशन से घर वापस लौटी थी। इसी दौरान दो युवक बाइक पर सवार होकर घर के सामने पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगाई और केबल खराब होने की शिकायत होने की बात कही।
उन्होंने हन्नी को बताया कि वे केबल ठीक करने आए हैं। हन्नी ने कहा कि उनकी केबल ठीक है, लेकिन उन्होंने टीवी चलाकर दिखाने की बात कही।
इस पर हन्नी ने ताला खोल दिया और अंदर जाकर टीवी चला दिया। इसी दौरान आरोपियों में से एक ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया व उसे बोरे में डालकर वहां से भाग निकले।
अपहरणकर्ता उसे शहर से लगभग तीन किलोमीटर दूर गुरुकुल रोड के नजदीक एक कच्चे सुनसान रास्ते पर ले गए। वहां जाकर उन्होंने बच्ची को बोरे से बाहर निकाला।
दोनों बदमाश आपस में बातचीत करने लगे। इसी दौरान हन्नी को होश आ गया और वह मौका पाकर वहां से भाग निकली। बच्ची को भागता देख दोनों बदमाशों ने उसका पीछा किया।
उनको पीछे आता देख बच्ची ने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। उसे वहां पर खेतों में कुछ किसान काम करते दिखाई दिए। बच्ची की आवाज सुनकर वे भी उस तरफ दौड़ पड़े। किसानों को आता देख बदमाश वहां से अपनी बाइक लेकर भाग निकले।
किसान दीपक ने किया घर पर फोन
खेत में काम कर रहे किसान दीपक ने बच्ची के पास पहुंच कर पूरी बात पूछी और उसके बाद बच्ची द्वारा बताए गए नंबर पर उसके घर फोन किया।
फोन पर उसने पूरी बात बताई और हन्नी के सकुशल होने की जानकारी दी। इसके बाद परिजन व पड़ोसी खेतों में बताई गई जगह पर पहुंचे व उसे घर ले आए।
सभी लोगों ने हन्नी को बचाने के लिए दीपक व अन्य किसानों का आभार जताया। सूचना मिलने पर कॉलोनी के लोग भी हन्नी के घर के बाहर जमा हो गए।
घटना की सूचना सिटी चौकी पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी प्रदीप लांबा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रदीप लांबा ने बताया कि बच्ची का अपहरण हुआ था, जो अपनी समझदारी दिखाते हुए वहां से बच निकली। परिजनों ने इस बारे में उन्हें लिखित में शिकायत नहीं दी है।
बच्ची अभी घबराई हुई है। बुधवार सुबह बच्चे से बातचीत करके आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।