आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते विभिन्न संगठनों के लोग। संवाद
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झज्जर। बहादुरगढ़ रोड पर स्थित एक गांव की छात्रा का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसे मरने के लिए मजबूर करने के मामले में बुधवार को विभिन्न संगठनों से प्रदर्शन किया। उन्होंने लघु सचिवालय में पहुंचकर एसडीएम और डीएसपी से मुलाकात की। उन्होंने मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। फिलहाल तक पुलिस एक आरोपी को ही गिरफ्तार कर पाई है। परिजनों का यह भी कहना था कि मामले में चिकित्सकों ने गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की और पुलिस ने साक्ष्य मिटाने का काम किया है। मामले में एक आरोपी बीएसएफ में कार्यरत हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के लिए बीएसएफ अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
झज्जर के छावनी मोहल्ले स्थित प्रजापति धर्मशाला में बुधवार को पीड़ित परिवार ने सामाजिक संगठनों के साथ न्याय दिलाने के लिए बैठक की। सभी ने घटना को लेकर आक्रोश जताया और शहर भर में प्रदर्शन कर वे लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने मांग की गई कि जो मामले में आरोपी है उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाए। हालांकि सचिवालय में प्रदर्शन के दौरान एसडीएम शिखा व डीएसपी राहुल देव ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास भी किया। लेकिन प्रदर्शनकारियों का यहीं कहना था कि उन्हें आरोपी की गिरफ्तारी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। बाद में मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम शिखा को ज्ञापन सौंपा।
सामाजिक संगठन के लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ शहर में पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार का कहना था कि पुलिस दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। जबकि इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी होनी बाकी है। परिजनों ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर इस मामले में जालसाजी करने व धोखे से नाबालिग छात्रा का अंतिम संस्कार कराए जाने की भी बात कही। फरवरी माह में एक गांव में एक नाबालिग छात्रा ने अपने ही घर में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। बाद में छात्रा के परिजनों ने इस मामले में गांव के ही कुछ लोगों पर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि उनकी दो बच्चियों को अपहरण कर लिया। एक बेटी तो अपहरणकर्ताओं को चंगुल से बच कर घर आ गई। लेकिन दूसरी काफी देर बाद घर लौटी। उसने घर आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। लेकिन पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी करने की बजाय धोखे से उनकी बेटी का दबाव डालकर अंतिम संस्कार करवा दिया। उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों पर भी गलत पोस्टमार्टम की रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपियों को बचाने के लिए साक्ष्य मिटाने का भी काम किया। पुलिस घटना के बाद से ही दोषियों को बचाने में लगी हुई है।
मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी बीएसएफ में कार्यरत है। उसकी यूनिट को लिखा जा चुका है। जल्द ही बीएसएफ नियमानुसार आरोपी को सौंपेगी।
- राहुल देव, डीएसपी, झज्जर।