05jjrp18- झज्जर। शहर की अनाज मंडी में उठान का कार्य करते हुए श्रमिक। संवाद
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झज्जर। अनाज मंडी में मुकाबले में कोई खरीदार नहीं होने के कारण बाजरे का दाम घट रहा है। प्राइवेट खरीदार अब 1,900 रुपये प्रति क्विंटल की बजाय 1,800 रुपये प्रति क्विंटल खरीद करने की बात कह रहे हैं। आढ़त नहीं मिलने से आढ़ती और एमएसपी नहीं मिलने के कारण किसान परेशान हैं।
जिले की अनाज मंडियों में रविवार शाम तक 4,648 किसानों के गेट पास काटे गए। जिनकी 1,19,755.5 क्विंटल बाजरे की आवक पोर्टल पर दर्ज की गई। मंडी में 1,151 किसानों की 28,755.5 क्विंटल बाजरे की प्राइवेट खरीद की गई। बाजरे का उठान भी किया जा रहा है। इसके अलावा धान की प्राइवेट खरीद भी जारी है।
सभी किसानों का डाटा ई-खरीद पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ है। इसके कारण किसानों को गेट पास कटवाने में परेशानियों हो रही है। जिन किसानों का डाटा ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज होगा केवल उन्हीं किसानों को सरकार की तरफ से भावांतर दिया जाएगा।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विनोद पूनिया ने बताया कि किसानों को भावांतर दिए जाने के बाद भी एमएसपी नहीं मिल रहा है। वहीं, खरीद एजेंसियां भी सरकार को गुमराह करने का काम कर रही है। एजेंसियों ने खराब बाजरे की ढेरी से सैंपल जांच के लिए भेजे लेकिन सही ढेरी से कोई भी सैंपल नहीं भेजा।
झज्जर मंडी में 1509 मशीन के 2,000 क्विंटल धान की 2,600 से 2,750 रुपये प्रति क्विंटल खरीद की गई। इसके अलावा 1509 हाथ के 500 क्विंटल धान की 3,150 रुपये प्रति क्विंटल खरीद की गई। मातनहेल मंडी में 1509 मशीन के 500 क्विंटल धान की 2,600 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल बाजरे की खरीद की गई।