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अब औपचारिक युद्ध घोषणा के बिना भी सैन्य कार्रवाई संभव : बिपिन बक्शी

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19jjrp15- राजकीय पीजी नेहरू कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम को संबो​धित करते वक्ता। स्रोत-कॉलेज
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झज्जर।
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सेवानिवृत्त मेजर जनरल बिपिन बक्शी और ब्रिगेडियर अखिलेश भार्गव ने बताया गया कि भारत ने अपनी सुरक्षा नीति में बदलाव करते हुए डायनेमिक रिस्पॉन्स मिलिट्री डॉक्ट्रिन को न्यू नॉर्मल के रूप में अपनाया है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद और समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, निर्णायक जवाब और परमाणु धमकी के प्रति शून्य सहनशीलता पर जोर दिया गया है। वह वीरवार को राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय में रक्षा एवं सामरिक विषयों पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी समर संवाद को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान गलत सूचनाओं का प्रसार रोकने के लिए राष्ट्रीय सामरिक संचार प्राधिकरण का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने किताब में रेडलाइन्स रेडरान ऑपरेशन सिंदूर एंड इंडिया न्यू नार्मल में ऑपरेशन सिंदूर के बारे में लिखा हुआ है।
मुंबई और संसद में जब आतंकी हमला हुआ था तो उस समय रणनीति कुछ और थ जिसका जवाब बाद में दिया गया। उस समय भारत ने तुरंत जवाब नहीं दिया था लेकिन बाद में उसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 9 जगहों पर हमले हुए थे जिसमें 7 इंडियन आर्मी और दो एयरफोर्स के थे।
कर्नल योगेंद्र सिंह ने हरियाणा की सैन्य विरासत पर अपने व्याख्यान में बताया कि पुराने जमाने में सुरक्षा की जिम्मेदारी व्यक्ति व समाज को खुद वहन करनी पड़ती थी और सुरक्षा व्यवस्था करना सामूहिक उत्तरदायित्व माना जाता था। व्यक्तिगत अधिकारों की अवधारणा विकसित नहीं थी।
हरियाणा के लोग सीमित संसाधनों और अपेक्षाकृत कमजोर हथियारों के बावजूद अपनी वीरता, साहस और सम्मान की रक्षा के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हमेशा धर्म युद्ध लड़ा था। 1857 में यह समय खत्म हो गया था।
गायक मुकेश काले ने हरियाणा की सैन्य विरासत को संगीतमय श्रद्धांजलि दी और एक सैनिक के जन्म से लेकर शहीद होने तक की यात्रा को रागिनियों के माध्यम से विस्तार से चित्रित किया। यह सुनकर दर्शक दर्शकों की आंखों में आंसू आ गए।
प्राचार्य प्रो. दलबीर सिंह ने कहा कि संगोष्ठी में अनुभव और ऊर्जा, परंपरा और ज्ञान तथा सिद्धांत और व्यवहार का समन्वय देखने को मिला। डॉ. प्रताप फलसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। विद्यार्थियों ने हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत किए। मंच संचालन डॉ. पुष्पेंद्र काद्यान और छात्रा नीलम, मानसी ने किया।
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इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य डॉ. खजान सिंह गुलिया, कांता सिंह, डॉ. रवि किरण मदान, डॉ. कविता, मास्टर हवा सिंह उपस्थित रहे।

19jjrp15- राजकीय पीजी नेहरू कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता। स्रोत-कॉलेज

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