बहादुरगढ़। दो माह पहले बिहार के दरभंगा से काम की तलाश में बहादुरगढ़ आए एक परिवार पर दुखों का पहाड़ा टूट पड़ा। बुधवार को बारिश के दौरान झोपड़ी में रखे इनवर्टर में आए करंट की चपेट में परिवार की 10 वर्षीय बच्ची आ गई। परिजन और आसपास लोग उसे नागरिक अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसकी मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-6 जांच अधिकारी दीपक महलावत्र मौके पर पहुंचे व वीरवार को शव का पोस्टमार्टम कराया।
बिहार के दरभंगा से आया यह परिवार दिल्ली-रोहतक रोड पर सेक्टर-6 के सामने गौरैया टूरिस्ट कांप्लेक्स के बाहर बने फुटपाथ पर झोपड़ी बनाकर अपना गुजर-बसर कर रहा था। दो माह पहले ही परिवार यहां आया था। मृतका की मां सीता ने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं। इनमें तीन लड़की और दो लड़के हैं। इनमें से एक बेटी 10 वर्षीय प्रीति बुधवार को करंट की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई।
उनका कहना है कि पति दो माह पहले जब यहां उन्हें लेकर आए तो उस दिन ही वह उन्हें यहां छोड़कर चले गए। जैसे-तैसे वह अपने बच्चों का पेट पाल रहीं हैं। आसपास रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार उन्हें खाने-पीने का सामान उपलब्ध करवा देते हैं। इससे वह अपने बच्चों का पेट भर रही हैं। अब उन पर एक और दुख आ पड़ा है। पांच बच्चों में एक 12 वर्षीय, 10 वर्षीय, 8 वर्षीय, 6 और सबसे छोटा बच्चा 4 साल का है।
आसपास के दुकानदारों ने बताया कि बच्चों के सिर पर न तो छत है और न ही खाने-पीने को राशन। रेहड़ी संचालक ही परिवार को खाने पीने का सामान उपलब्ध करवा रहे हैं। प्रीति का शव अस्पताल में रखा और मां फुटपाथ अपने बच्चों को संभाल रही है।
दिल्ली-रोहतक रोड पर फुटपाथ पर झोपड़ी बनाकर रहने वाले एक परिवार की 10 वर्षीय बच्ची इनवर्टर करंट की चपेट मेें आ गई। इससे उसकी मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।