झज्जर। केंद्र व राज्य सरकार ने मिड डे-मील की राशि में बढ़ोतरी की है। नई लागत के अनुसार प्रति विद्यार्थी प्राइमरी स्कूलों के लिए 5.45 से बढ़ाकर 6.19 रुपये डाइट खर्च कर दिया है। वहीं छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 8.17 से बढ़ाकर 9.29 रुपये डाइट खर्च किया गया है। यह लागत केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से 60:40 के अनुपात में वहन की जाएगी। सर्दी का मौसम आने के बाद विद्यार्थियों के भोजन में बदलाव किया जाता है। सर्दी में विद्यार्थियों को मोटा अनाज से बने पकवान परोसे जाते हैं।
जिले के पहली से आठवीं कक्षा में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की मध्याह्न भोजन की थाली में पौष्टिक तत्व बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन लागत का बजट बढ़ा दिया है। अब पीएम पोषण के तहत मध्याह्न भोजन के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री लागत में बढ़ोतरी की है। विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन देने के उद्देश्य से लागत को बढ़ाया गया है।
जिले में पहली से आठवीं कक्षा के लगभग 350 स्कूल हैं, जिसमें लगभग 30 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन खाने के लिए दिया जाता है। इस योजना को लाने का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चाें को स्कूल में ही पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन देना और उनकी स्वस्थ दिनचर्या का ध्यान रखना है।
यह दिया जाता है मिड डे-मील
योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़े वाले विद्यार्थियों को रोजाना अलग-अलग प्रकार का भोजन परोसा जाता है। इसमें राजमा चावल, पूरी, पकौड़ी, हलवा, काला चना, पराठा, मीठी दलिया, सोया पुरी से लेकर फ ल व दूध जैसे पौष्टिक आहार शामिल हैं।
राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर के समय मिड डे-मील परोसा जाता है, जिसकी लागत सामग्री में बढ़ोतरी की गई है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर भोजन परोसा जा सकेगा। सर्दियों के मौसम को देखते हुए इस समय स्कूलों में मोटे अनाज के व्यंजन विद्यार्थियों को दिए जाते हैं।
राजेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, झज्जर