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Jhajjar-Bahadurgarh News: प्रैक्टिस के रूप में दी महक ने दी इंजीनियरिंग की परीक्षा, 98.7 प्रतिशत अंक मिले

Wed, 18 Feb 2026 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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17jjrp06- छारा चुंगी निवासी महक अपने परिवार के सदस्यों के साथ। स्रोत-परिजन
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झज्जर। झज्जर की छारा चुंगी निवासी एवं फल-सब्जी विक्रेता राजकुमार की बेटी महक मेडिकल की छात्रा है लेकिन उसने शिक्षकों के कहने पर प्रैक्टिस के रूप में जेईई मेन्स की परीक्षा दी और अब परीक्षा में 98.7 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
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महक ने कैमेस्ट्री में 99.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। यही नहीं जिस दिन महक की परीक्षा थी, उस दिन उसका जन्मदिन भी था। परीक्षा दूसरे शिफ्ट में होने के कारण वह सुबह जल्दी चली गई थी और रात को वापस घर आई थी इस कारण अपना जन्मदिन नहीं मना सकी थी।
अब परिणाम आने के बाद हर जगह से बधाई मिल रही है। महक ने बताया कि उसकाे बर्थ डे का गिफ्ट मिल गया है। उसने परीक्षा को लेकर निजी अकेडमी से कोचिंग ली है। वह कोचिंग के अलावा घर पर भी पढ़ती थी।
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कोचिंग से आने के बाद आराम करती थी और उसके बाद रात का खाना खाकर 9 से 10 बजे तक पढ़ने बैठ जाती थी। इसके बाद देर रात दो बजे तक पढ़ती थी। शिक्षकों के दिए गए कार्य को समय पर करती थी और जो भी डाउट्स होते थे, उसे लेती थी।
महक ने बताया कि उसका डॉक्टर बनने का सपना है, इसलिए वह नीट की भी तैयार कर रही है। उन्होंने पिछले साल भी एम्स नर्सिंग की परीक्षा दी थी जिसमें 1940 रैंक आया था। उसका मन डॉक्टर बनने का है। वह सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं रहती।
माइंड फ्रेश करने और कुछ डाउट्स लेने के लिए वह वीडियो देख लेतीं हैं। महक ने इसका श्रेय शिक्षक जयविकास, पिता राजकुमार, माता सविता को दिया। महक की माता सविता गृहिणी हैं व बड़े भाई प्रिंस एनआईटी कुरुक्षेत्र में बीटेक कर रहे हैं।
रूपेश ने 99.4 प्रतिशत अंक हासिल किए, प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की पढ़ाई
खुंगाई निवासी राकेश कुमार के पुत्र रूपेश ने जेईई मेन्स की परीक्षा में 99.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। रूपेश ने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन 7 से 8 घंटे अतिरिक्त पढ़ाई की। कोचिंग के अलावा वह घर पर देर रात तक पढ़ते थे। उन्होंने बताया कि स्कूल में दिए गए काम को समय पर करने और जो भी डाउट्स आते थे, उनको सही तरह से समझने का काम किया। उसका इंजीनियर बनने का सपना है। अब वे एडवांस की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के अलावा वाॅलीबाॅल खेलने का शौक है। रूपेश के पिता राकेश कुमार और माता मंजू देवी शिक्षक हैं।

17jjrp06- छारा चुंगी निवासी महक अपने परिवार के सदस्यों के साथ। स्रोत-परिजन

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