नगर परिषद की साधारण बैठक शुक्रवार को परिषद के मीटिंग हॉल में करीब एक घंटे चली। बैठक के दौरान रखे गए सभी 66 एजेंडे सर्वसम्मति से पास हो गए। बता दें कि कुछ दि पहले ही इन सभी 66 मुद्दों पर शहर के कुछ पार्षदों ने एतराज भी जताया था। वहीं इस एजेंडे को लेकर दो महीने से पार्षदों और नगर परिषद के अधिकारियों के बीच खींचतान भी चल रही थी। जिन मुद्दों पर खींचतान चल रही थी उसे बैठक के दौरान एजेंडे में रखा ही नहीं गया। बैठक खत्म होते ही विधायक नरेश कौशिक ने मीटिंग हॉल के गेट पर एमई ओमदत्त से कहा कि रिवाइज एस्टिमेट के जो भी काम हैं, उन्हें अब प्रोसेडिंग बुक में चढ़ा लेना। विधायक की बात खत्म होते ही एमई ओमदत्त ने ईओ की इशारा कर किया। इतने में ईओ ने कहा कि एमई साहब अभी तक आपने फाइल भी पुट नहीं की है प्रोसिडिंग बुक में इस तरह एजेंडे नहीं चढ़ते। मीटिंग हॉल से बाहर निकलते समय विधायक ने सभी पार्षदों से कहा कि सभी लोग अपने-अपने वार्डों के रिवाइज एस्टीमेट के काम प्रोसिडिंग बुक में चढ़वा लेना।
अधिकारियों ने पेमेंट करने से किया था मना
बता दें कि 4 मई 2018 को शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगर परिषद बोर्ड की पावर को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया था। इस पावर का इस्तेमाल करते हुए नगर परिषद के अधिकारियों ने टेंडरिंग प्रक्रिया से बचने के लिए पहले से वर्क ऑर्डर दिए हुए भारी संख्या में विकास कार्यों को इनहांस कर दिया। इन कार्यों का रिवाइज एस्टीमेट करते हुए इन्हें 25 लाख रुपये कर दिया। करीब दो माह पहले जब इन कार्यों की पेमेंट की बात आई तो मामला अटक गया। कुछ अधिकारियों ने इसे वित्तीय अनियमितता व 10 से 25 लाख का रिवाइज एस्टीमेट पास न किए जाने की नप अधिकारियों की पावर न होने का हवाला देकर पेमेंट करने से मना कर दिया। अब तक इन कामों की पेमेंट भी रुकी हुई है। इसी बात को लेकर यहां के कुछ पार्षदों व अधिकारियों में अंदरखाते खींचतान भी चल रही थी। अंदरूनी तौर पर यह मामला काफी उछलता रहा, मगर मामले को पूरी तरह दबाए रखा। हालांकि कुछ अधिकारियों ने इसे नप बोर्ड की बैठक में एजेंडा लाकर इसे पास कराने का सुझाव दिया लेकिन प्रस्तावित 66 एजेंडों में इसे शामिल नहीं किया गया था। नगर परिषद की सत्ताधारी लोग इस एजेंडे को अंदर खाते अन्य मुद्दे में लाकर प्रोसिडिंग बुक में पास कराना चाह रहे थे। हुआ भी यहीं। विधायक ने बैठक खत्म होने के बाद पहले तो कहा कह 66 मुद्दों पर विचार किया गया और उन्हें सर्वसम्मति से पास कर दिया। लेकिन बैठक खत्म होने के बाद एमई से कहा कि रिवाइज एस्टीमेट के जो भी काम हों उन्हें प्रोसिडिंग बुक में चढ़ा देना।
ई टेंडरिंग से बचने के लिए बरती गई अनियमितताएं
10 लाख के कार्यों को 25 लाख रुपये तक रिवाइज कर देने पर ऑडिट के दौरान रेजीडेंट ऑडिट अफसर ने भी आपत्ति जताई थी। आरएओ का कहना था कि ई टेंडरिंग से बचने के लिए पहले से वर्क ऑर्डर देकर चल रहे कार्यों को बढ़ाकर उनका एस्टीमेट रिवाइज कर दिया गया। यह सरकार के नियमों की उल्लंघन था। आरएओ ने नगर परिषद प्रशासन को पत्र लिखा था कि 4 मई 2018 से पहले जितने भी कामों के वर्क ऑर्डर दिए गए थे, उनका एस्टीमेट 25 लाख रुपये तक कर दिया गया, जो ई टेंडरिंग से बचने के लिए वित्तीय अनियमितताओं को दर्शाता है।
बलजीत नगर के बजाय नेताजी नगर में बना दी गली
नगर परिषद में रिवाइज एस्टीमेट का खेल अधिकारियों ने अपने तरीके से कर रखा है। रिवाइज एस्टीमेट का एक उदाहरण ही है बलजीत नगर में रिवाइज एस्टीमेट का खेल अधिकारियों ने मनमाने तरीके से खेल रखा है। उदाहरण के तौर पर बलजीत नगर की गली का ही ले लो। नगर परिषद ने कुछ माह पहले बलजीत नगर की जयपाल सरोहा वाली का टेंडर लगाया था। यह करीब नौ लाख का था। यह गली अवैध एरिया में होने की वजह से अधिकारियों ने इस गली का निर्माण करने की बजाय करीब डेढ़ किलोमीटर दूर न्यू नेताजी नगर में सीसी की गली बना दी थी। यह मामला सुर्खियों में आने के बाद नगर परिषद में रिवाइज एस्टिमेट को लेकर काफी घमासान मचा था और अधिकांश कार्यों की पेमेंट रोक दी गई थी।
नगर परिषद की साधारण बैठक में सभी प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास हुए हैं। एक-दो पार्षदों ने कुछ एजेंडों पर एतराज जताया था। पार्षदों के एतराज को दर्ज कर लिया गया था। लेकिन वह भी एजेंडे में बहुतम से पास हो गए हैं। पूरी बैठक में सभी ने सहयोग किया है बैठक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
नरेश कौशिक, विधायक, बहादुरगढ़।
फोटो 19 : बैठक के दौरान मौजूद विधायक नरेश कौशिक, नप चेरयमैन शीला राठी, ईओ डॉ विजयपाल व पार्षद।
फोटो 20 : मीटिंग हाल से निकलते समय एमई और ईओ से बात करते विधायक नरेश कौशिक।