झज्जर। शहर के सामान्य अस्पताल की एसएमओ विभिन्न मामलों में अलग-अलग जांचों का सामना कर रही हैं। झज्जर नागरिक अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुणा सांगवान को जिला पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट में दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को भेजते हुए उनका तबादला किसी अन्य जिले में किए जाने की सिफारिश की है।
मामले के अनुसार चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुणा सांगवान ने करीब चार माह पूर्व झज्जर नागरिक अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक का पदभार संभाला था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही उनका अस्पताल के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ विवाद शुरू हो गया था। इतना ही नहीं नागरिक अस्पताल के पास स्थित उनके पति के निजी अस्पताल में नागरिक अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा काम करने के आरोप लगने के साथ वीडियो भी सामने आए थे। अस्पताल के कर्मचारियों सहित प्रशासनिक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्रभान ने इसकी पुलिस को शिकायत की गई थी। उन्होंने आरोप लगाए कि डॉ. अरुणा सांगवान ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज डिलीट करवा दिए व अस्पताल की सरकारी मेल आई डी का पासवर्ड तक बदल दिया। इसकी सूचना सिविल सर्जन तक को नहीं दी गई। शिकायत के बाद एसपी राजश दुग्गल ने डीएसपी राहुल देव को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा।
डीएसपी राहुल देव ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि जांच के लिए जब वे नागरिक अस्पताल पहुंचे तो डॉ. अरुणा सांगवान ने न सिर्फ अपने बयान देने से इंकार किया, बल्कि उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया। जिसे लेकर 15 फरवरी को सिटी थाना मेें रिपोर्ट भी दर्ज की गई। डीएसपी राहुल देव ने अपनी जांच रिपोर्ट में उपरोक्त आरोपों को सही ठहराते हुए मामले से संबंधित वीडियो रिकार्डिंग भी दी गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा वीडियो रिकार्डिंग की पेन ड्राइव सहित जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को भेजी गई है। इसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरूणा सांगवान का तबादला किसी अन्य जिले में किए जाने की सिफारिश की सिफारिश की गई है। वहीं इस मामले में प्रशासनिक चिकित्सा अधीेक्षक डॉ. चंद्रभान ने सिविल सर्जन को पत्र लिखते हुए डॉ. अरुणा सांगवान के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही जल्द से जल्द करने का अनुरोध किया गया हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरूणा सांगवान के खिलाफ कई मामलों में विभागीय जांच चल रही है। उन्हें पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट के साथ प्रशासनिक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्रभान का पत्र मिला है। मामले में जल्द से जल्द नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन।