बहादुरगढ़। गैर सरकारी सेल्फ फाइनेंस बीएड कॉलेजों के प्रबंधन महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में जारी किए गए एक फरमान से सकते में है। इन आदेशों के अनुसार अब इन कॉलेजों में किसी नए शिक्षक व गैर शिक्षक पदों की भर्ती के लिए यूनिवर्सिटी में साक्षात्कार कराए जाएंगे और प्रति नियुक्ति पर निश्चित खर्च कॉलेज प्रबंधन को अदा करना होगा। कॉलेज संचालकों ने इन आदेशों को गलत बताया है और इसके खिलाफ कोर्ट की शरण लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
सेल्फ फाइनेंस बीएड कॉलेजों के प्रबंधन अपनी एसोसिएशन के बैनर तले एमडीयू से अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट हो रहे हैं। एमडीयू के नए फरमान के अनुसार इन कॉलेजों में किसी भी भर्ती के लिए साक्षात्कार अब यूनिवर्सिटी में होंगे। जबकि पहले वीसी का प्रतिनिधि कॉलेजों में आकर इस प्रक्रिया को पूरी कराता था। प्रबंधनों का कहना है कि नए आदेशों के बाद कॉलेजों की परेशानी और खर्च दोनों बढ़ना तय है जिसके कारण कॉलेज इसका विरोध करने लगे हैं।
निजी बीएड कॉलेज एसोसिएशन के प्रधान एसके जिंदल और सदस्यों राकेश कोच व प्रवीण छिल्लर के मुताबिकशैक्षणिक भर्ती के लिए कॉलेज को अढ़ाई हजार रुपये और गैर शैक्षणिक भर्ती के लिए एक हजार रुपये अदा करने होंगे। इसके अलावा इस प्रक्रिया के दौरान होने वाली वीडियोग्राफी का खर्च भी वहन करना होगा।
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश या देश की किसी अन्य यूनिवर्सिटी में इस प्रकार का कोई नियम लागू नहीं है। इसी कारण वे इसे तुगलकी फरमान करार दे रहे हैं।
झज्जर जिले में करीब तीन दर्जन सेल्फ फाइनेंस बीएड कॉलेज हैं जिन पर इन आदेशों की तलवार लटक रही है। बता दें कि इन बीएड कॉलेजों और एमडीयू प्रशासन बीएड की परीक्षाओं में वीडियोग्राफी कराने को लेकर पहले ही आमने-सामने हैं और एमडीयू के वीडियोग्राफी के निर्णय को कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है, इस पर 26 अगस्त को सुनवाई होनी है।
असल में इन दोनों पक्षों में विवाद करीब सात-आठ माह पहले कॉलेजों में एमडीयू की तरफ से की गई चेकिंग विजिट के साथ ही शुरू हो गया था। प्रदेश में करीब 300 सेल्फ फाइनेंस बीएड कॉलेज हैं। जिनमें से से 28 कॉलेजों में पिछले दिनों एमडीयू की तरफ से चेकिंग की गई थी। कमियों का हवाला देते हुए 5 कॉलेजों को एक साल के लिए एडमिशन करने से बैन कर दिया जबकि 13 कॉलेजों की मान्यता रद करने के आदेश शैक्षणिक परिषद ने जारी कर दिए।
इसकी मार बहादुरगढ़ के चार कॉलेज पर भी पड़ी। हालांकि बाद में कार्यकारी परिषद ने आदेशों में बदलाव करते हुए पांच कॉलेजों पर एक-एक लाख और 13 कॉलेजों पर दो-दो लाख जुर्माना लगा दिया। बताया जा रहा है कि सोमवार 24 अगस्त को इस जुर्माने के आदेश को चुनौती देते हुए बलकेश्वर कॉलेज सोनीपत ने कोर्ट में वाद दायर कर दी है जबकि कई अन्य कॉलेज 26 अगस्त को इस जुर्माने को चुनौती देने जा रहे हैं।