25 अपनी मांगों को लेकर एमडीयू के गेट नंबर 4 पर प्रदर्शन करते छात्र संघर्ष समिति के सदस्य। स्रोत
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं का कहना है कि यूनिवर्सिटी में पहले से ही तीन गेट हैं, फिर भी विवि प्रशासन गेट नंबर 4 बना रहा है। उन्होंने गेट नंबर चार के निर्माण कार्यों और गेट से यूनिवर्सिटी में एंट्री के लिए बनाए जा रहे रोड पर मिट्टी डालने के आए लगभग 8 करोड़ रुपये के खर्च की राज्यपाल से विजिलेंस जांच की मांग की गई है।
यह मांग संयुक्त छात्र संघर्ष समिति ने राज्यपाल को एक ज्ञापन भेजकर की है। एमडीयू में सोमवार को संयुक्त छात्र संघर्ष समिति ने बैठक की। छात्र नेताओं ने कहा कि यह सीधे तौर पर धन की बर्बादी और भ्रष्टाचार का संकेत है।
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के पास वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं कहकर विद्यार्थियों की फीस में सालाना 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती हैं। करोड़ों रुपये नए निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं।
छात्र संगठनों ने विवि में सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) अधिकारियों की दोबारा नियुक्ति को भी असंवैधानिक बताया। इस अवसर पर छात्र नेता विक्रम सिंह डुमोलिया, सुधीर कुमार सहारन, प्रदीप मोटा, अमित, हितेश लाठर और अन्य कई छात्र नेताओं के नाम भी शामिल हैं।