फ़ोटो-60: ड्रेन में उगी हुई जलकुंभी। स्रोत ग्रामीण
बहादुरगढ़। रोहतक और झज्जर जिले से बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाई गई केसीबी ड्रेन की बदहाल स्थिति ने सिंचाई विभाग की मानसून पूर्व तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का आरोप है कि रोहतक-सांपला सिंचाई विभाग डिवीजन ने ड्रेन की सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति की, जिसका असर अब जलकुंभी के रूप में दिखाई दे रहा है।
गांव छुड़ानी निवासी अजीत सिंह व प्रवीण कुमार, रेवाड़ी खेड़ा निवासी सज्जन सिंह और पप्पू दलाल ने बताया कि रेवाड़ी खेड़ा के पास जमा जलकुंभी बहकर छुड़ानी पंप हाउस के पास पहुंच गई है। पुलों के पास कचरे और जलकुंभी के ढेर से पानी का बहाव बेहद धीमा हो गया है।
किसानों के अनुसार, मातन लिंक ड्रेन से लगातार पानी आने के बावजूद आगे रास्ता अवरुद्ध है। इससे जलस्तर बढ़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से जेसीबी व बड़ी मशीनें लगाकर तत्काल सफाई कराने और मशीनों को स्टैंडबाई रखने की मांग की है। संवाद