शहर से कुछ दूरी पर स्थित गांव सिद्धीपुर में एक युवक की उसके ही दोस्त ने कार में गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने शव को नीचे फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।
सूचना मिलने पर थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल भिजवा दिया।
मृतक के परिजनों ने गांव के ही दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है, लेकिन पुलिस ने फिलहाल एक आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया कि गांव सिद्धीपुर निवासी नवीन की बुधवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि नवीन दोपहर करीब तीन बजे अपने प्लॉट में बैठा था, तो गांव का ही राजकुमार अपने एक साथी के साथ वहां आया और नवीन को प्लॉट से बाहर बुलाकर ले गया।
राजकुमार ने नवीन को अपनी कार में बैठाया और गांव से बाहर की तरफ ले गया। आरोप है कि मंडेला की तरफ मार्ग पर बने मंदिर के पास जब पहुंचे तो राजकुमार के दोस्त ने कार रोककर पेशाब करने की बात कही।
जब वह नीचे उतरकर गया तो उसी दौरान ड्राइवर के साथ वाली सीट पर बैठे नवीन पर राजकुमार ने फायर कर दिया। गोली लगने से नवीन की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद नवीन के शव को कार से नीचे फेंक कर दोनों फरार हो गए।
आरोपी ने ही दी थी परिजनों को सूचना
नवीन की मौत की सूचना उसके परिजनों को राजकुमार के दोस्त ने ही दी थी। उसने बताया कि नवीन को गोली लगी है। इस पर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे तो देखा कि नवीन खून से लथपथ निढाल पड़ा था।
उसकी सांसे भी थम चुकी थी। नवीन की मौत से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नवीन तीन भाइयों में सबसे छोटा था और दो बच्चों का पिता भी।
नवीन की हत्या के पीछे कोई प्रापर्टी विवाद है या फिर कोई अन्य कारण, इसकी जांच के लिए पुलिस ने कई पहलुओं को लेकर गहन जांच शुरू कर दी है।
थाना सदर प्रभारी रणधीर सिंह ने बताया कि मृतक के भाई संजीव के बयान पर गांव के निवासी राजकुमार के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वारदात में जिस दूसरे युवक के शामिल होने का आरोप लगाया जा रहा है, उससे भी पूछताछ की जा रही है। अगर वो इस मामले में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
नहीं मिला कंट्रोल रूम का फोन
वारदात की सूचना देने के लिए नवीन के परिजनों ने जब पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर मिलाया तो फोन कहीं ओर जाकर मिला।
कई बार प्रयास करने के बाद भी हर बार फोन कहीं ओर मिल जाता। बाद में जैसे ही थाना सदर पुलिस को इसका पता चला तो थाना प्रभारी तुरंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।