बहादुरगढ़। 21 वर्ष पहले महाराष्ट्र से बहादुरगढ़ में आए मराठा परिवार ने गणपति उत्सव छोटे रूप में मनाना शुरू किया था। समय बदलता गया और अब यह बड़े रूप में मनाया जाने लगा। यूं तो लगभग 30 से अधिक स्थानों पर गणपति उत्सव मनाया जाता है लेकिन दो से स्थानों पर यह आकर्षक और बड़े अंदाज में मनाया जाता है।
इनमें खास है दिल्ली-रोहतक रोड पर गणपति धाम और मेन बाजार में सुभाष चौक के पास। गणपति धाम में जहां 74 फीट बड़ी गणेश की प्रतिमा स्थापित है तो वहीं मेन बाजार में गणपति उत्सव मराठा परिवारों की ओर से मनाया जाता है। अबकी बार गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन भी इनकी ओर से हरिद्वार में किया जाएगा। गणपति की प्रतिमा स्थापित करने से पहले गाजे-बाजे के साथ शहर में परिक्रमा कराई जाएगी। बहादुरगढ़ में करीब ढाई दशक पहले महाराष्ट्र के सांगली जिले के गांव नेलकंरजी के रहने वाले रविकांत भोसले कामकाज की तलाश में यहां आए थे। वह शहर के मजीद मोहल्ला में रहते हैं। उनके बाद यहां पर और परिवार भी आ गए। अब उनकी संख्या 25 हो गई है।
बालक हितैषी मंडल के प्रचार मंत्री रविकांत भोसले ने बताया कि 21 वष र्पहले उन्होंने मेन बाजार में छोटे से आयोजन से गणेश उत्सव की शुरुआत की थी। अब जगह-जगह आयोजन होते हैं। किला मोहल्ला में ही गणेश उत्सव के दो बड़े पंडाल सजते हैं। शहर में छोटे-बड़े पंडाल मिलाकर 30 से अधिक जगह कार्यक्रम होते हैं।
उन्होंने बताया कि बालक हितैषी मंडल की स्थापना वर्ष 1976 में वेदप्रकाश गुप्ता के पुत्र रजनीश गुप्ता और दिनेश गुप्ता पालीवाल ने की थी। वर्ष 2004 में गणेश महोत्सव की शुरुअता विधिवत रूप से योगेंद्र राठी के साथ मिलकर की गई।
इस बार कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रोहित सैनी, सचिन सैनी, जोनी गुप्ता, नीरज शयोराण, अंकित शर्मा, नितीन शर्मा, लोकेश जांगड़ा, विशाल, अमन सैनी, अंकित रोहिल्ला, गौरव सैनी, कुलदीप, मोनू शर्मा, अन्नू वालिया, मंयक जैन, योगेश सैनी, कपिल राठी, तरुण सैनी, टिंकू, राहुल सैनी, दिनेश रावल, धीरज जांगड़ा, आलोक आदि माैजूद रहे।