बहादुरगढ़। बदलते मौसम से वायरल बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इसमें खुद की डॉक्टर भारी पड़ रही है। एंटीबायोटिक दवाएं लेने और अधूरे इलाज से बुखारी-खांसी को ठीक होने में दोगुना समय लग रहा है। कुछ लोगों की खांसी ठीक होने में 15 से अधिक दिन लग रहे हैं। बहादुरगढ़ के न केवल सरकारी बल्कि निजी क्लीनिकों पर भी बच्चों समते बड़ों की भी बुखार से पीड़ित लोगों की भीड़ लग रही है।
नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. विनय देशवाल ने बताया कि वायरल बुखार के मरीजों में मांसपेशियों, पैरों और सिर में दर्द हो रहा है। जल्दी थकान हो रही है। जुकाम खांसी भी है। इसके लक्षण प्रतीत होने पर विशेषज्ञ से दवा लेने पर तीन से पांच दिन में ये ठीक हो रहा है।
खुद से एंटीबायोटिक या झोलाछाप के इलाज से स्थिति बिगड़ रही है। कई बार झोलाछाप एस्टेरॉयड देते हैं जिससे कुछ घंटों में ही आराम मिलने लगता है। बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाती। खांसी को तो ठीक होने में 15 से 20 दिन लग रहे हैं। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार में दवाएं छोड़ने पर स्वास्थ्य और बिगड़ रहा है। इससे मरीजों को घबराहट, पसीना आने की दिक्कत हो रही है।
इन बातों का रखें ध्यान
-पानी को उबालकर पीएं, खांसी-जुकाम होने पर मास्क लगाएं।
-बच्चों को बड़ी बोतल भरकर दें, स्कूली टंकी के पानी से बचाएं।
-गले-कटे हुए फल और बासी भोजन न खाएं। ठंडी सामग्री से बचें।
-रात को एसी का तापमान बढ़ा लें, बुखार आने पर पैरासिटामोल लें।
-खांसी-खरास में गुनगुने पानी में सेंधा नमक डाल गरारें करें।