उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस में जींद निवासी मनोज की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी को रेलवे पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर न्यायालय से दो दिन के रिमांड पर लिया है।
आरोपी का नाम मोनू उर्फ आर्यन है, जो कि जींद का ही रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि वह मनोज का सहपाठी रह चुका है। आरोपी मोनू उर्फ आर्यन के दिल्ली के एक बड़े गैंग से जुड़े होने के कारण उसे कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है।
दिल्ली के सुभाष पैलेस थाने के अंतर्गत करीब दो सप्ताह पहले गैंगवार के दौरान तीन अपराधियों की मौत होने व इसमें कुछ के घायल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कुछ युवकों को मौके से ही गिरफ्तार किया था।
पकड़े गए जींद निवासी मोनू उर्फ आर्यन ने बताया कि उसने बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन के पास ही ट्रेन में अपने सहपाठी रहे मनोज की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद जीआरपी को इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले युवक के बारे में पता चला तो उन्होंने आरोपी को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लिया।
दिल्ली पुलिस बृहस्पतिवार की सुबह हत्यारोपी मोनू उर्फ आर्यन को यहां लेकर पहुंची। न्यायालय में पुलिस की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। थाना शहर, थाना सदर, थाना जीआरपी व अपराध शाखा की कई टीमें यहां तैनात थी। इस बीच आरोपी को पेश किया गया तो पुलिस ने उसकी रिमांड अर्जी दाखिल की। इस पर न्यायालय ने उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया।
रंजिश में की गई हत्या
जीआरपी प्रभारी सुरेंद्र सिंह व अतिरिक्त प्रभारी सुखबीर सिंह ने बताया कि हत्यारोपी मोनू उर्फ आर्यन भी जींद के पटियाला चौक का ही रहने वाला है। दोनों सहपाठी रह चुके हैं। पढ़ाई के दौरान उनमें अक्सर किसी न किसी बात को लेकर कहासुनी व मारपीट होती रहती थी। तभी से मोनू ने मनोज से रंजिश पाल रखी थी। यह रंजिश तब और बढ़ गई थी, जब जींद में हुई संदीप नाम के युवक की हत्या में मनोज का नाम आया था। इसमें मनोज करीब नौ माह तक जेल में रहा था, लेकिन बाद में इसमें समझौता हो गया था। मरने वाला संदीप भी मोनू का ही दोस्त था। इसके बाद मोनू ने मनोज की हत्या करने का इरादा कर लिया था।
सूचना देने वाले की तलाश
जीआरपी प्रभारी ने बताया कि इसी कोशिश में मोनू उर्फ आर्यन करीब ढाई माह पहले ही दिल्ली के बवाना क्षेत्र में नीरज व नवीन के गिरोह से जुड़ा। वहीं से उसने हथियार लिया और मनोज की हत्या करने की ताक में रहने लगा। वारदात वाले दिन सुबह ही मोनू को उसके एक साथी ने मनोज के ट्रेन में होने की सूचना दी, जिसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया।
अंबाला से बुलाई सवेदा टीम
आरोपी मोनू के बड़े गैंग से जुड़े होने के कारण जीआरपी थाने में अंबाला से सवेदा टीम को बुलाया गया है। इसमें करीब दर्जन भर कमांडाें दस्ता है। जहां पर हत्यारोपी को रखा हुआ है, वहां किसी को फटकने नहीं दिया जा रहा। जीआरपी के कर्मचारी भी हथियारों से लैस होकर अलर्ट खड़े हैं।
यह था मामला
जींद के पटियाला चौक का रहने वाला मनोज अपने दोस्त संदीप के साथ 21 अगस्त को उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस में सवार होकर दिल्ली जा रहा था। बहादुरगढ़ स्टेशन पर यह ट्रेन पांच बजे पहुंची थी। जैसे ही ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना होने लगी तो मनोज को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।