बहादुरगढ़। भारत के विश्व रिकॉर्डधारी और गांव दुबलधन के बेटे मंजीत कादयान ने अरब सागर में धरमतर जेट्टी से गेटवे ऑफ इंडिया तक चैनल तैर कर मात्र 9 घंटे 40 मिनट में सफलतापूर्वक पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
मंजीत की कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मजबूत इरादों के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती। शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद मंजीत कादयान की यह उपलब्धि न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
यह तैराकी केवल दूरी पार करने तक सीमित नहीं थी बल्कि यह आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति की जीत थी। मंजीत कादयान ने सिद्ध किया है कि यदि इरादा अटल हो तो शारीरिक सीमाएं सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं।
मंजीत कादयान इससे पहले भी भारत का नाम देश-विदेश में रोशन कर चुके हैं। उन्होंने स्कॉटलैंड में 36 किलोमीटर लंबे नॉर्थ चैनल को 14 घंटे 48 मिनट तक बर्फीले पानी में तैरकर पार किया था।
तैराकी के क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे मंजीत कादयान का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड और एपीजे अब्दुल कलाम रिकॉर्ड धारक बुक में दर्ज है। मंजीत अब तक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 32 पदक अपने नाम कर चुके हैं।
इनमें 14 स्वर्ण पदक के अलावा कई रजत और कांस्य पदक शामिल हैं। उनकी यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और लगन को दर्शाती है। मंजीत कादयान युवाओं के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं।
इस मौके पर जिला पार्षद एवं भाजपा जिला महामंत्री रविंद्र छिल्लर बराही, राकेश कादयान, कोच रोहन मोर, इंटरनेशनल खिलाड़ी सुरेंद्र ढाका, सरपंच जयपाल, प्रेमपाल दूबलधन, सूरजभान मास्टर ने मंजीत कादयान को बधाई दी।