दिल्ली से किराये पर टैक्सी करके गोहाना के लिए चले तीन युवकों ने गन प्वाइंट पर कार चालक को बंधक बनाते हुए उसकी गाड़ी छीन ली। इस घटना से चालक बुरी तरह से घबरा गया और उन्होंने वारदात के बाद पुलिस को किसी तरह से कॉल की। पुलिस जब तक उन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाती तब तक लुटेरे मौके से फरार हो गए।
दिल्ली के चितरंजन पार्क निवासी रिंकी ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह पंजाबी बाग स्टैंड के पास अपनी टैक्सी स्वीफ्ट डिजायर गाड़ी खड़ा करता था। रविवार को उसके पास तीन युवक आए और उन्होंने सोनीपत जिले के शहर गोहाना के लिए गाड़ी बुक की। किराया तय होने के बाद जब वह देर रात तीनों युवकों को बैठाकर बहादुरगढ़ के रास्ते रोहतक की तरफ बढ़ रहा था तो गांव आसौदा केएमपी के नजदीक पहुंचने पर उन्होंने गाड़ी को बहाना बनाकर रुकवा लिया। जैसे ही गाड़ी साइड में खड़ी की तो इसी बीच पीछे बैठे एक युवक ने उसकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। जबकि दो अन्य ने उसके साथ हाथापाई करते हुए उसे पकड़ लिया। मात्र कुछ ही दूरी पर उन्होंने उसे गाड़ी से नीचे उतार दिया और उसकी कार लेकर फरार हो गए। टैक्सी चालक से गन प्वाइंट पर गाड़ी छीनने की वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस ने नाकेबंदी भी की लेकिन आरोपी युवक पुलिस पकड़ में नहीं आए।
हो चुकी कई वारदात
क्षेत्र में गन प्वाइंट पर चालक से गाड़ी छीनने की पहले भी कई वारदातें हो चुकी है। एक वारदात को पुलिस ने हाल ही में सुलझाया है लेकिन कुछ अभी अनसुलझी हुई है। ऐसे में इन वारदातों से पुलिस की सिरदर्दी भी बढ़ गई। साथ में रात्रि गश्त को लेकर सवाल भी उठने लगा है। कुछ माह पहले गांव कसार मोड़ के नजदीक से एक केबल के काम से जुड़े दिल्ली के युवक से उसकी स्विफ्ट डिजायर छीन ली थी तो चार दिन पहले ही लोहारू से बहादुरगढ़ तक किराये पर लाई टैक्सी को भी जाखोदा के नजदीक गन प्वाइंट पर छीन लिया गया था। मार्च माह में बहादुरगढ़ बाईपास पर नया गांव चौक के नजदीक से भी दिल्ली के एक व्यापारी, नया गांव के एक युवक से भी उनकी गाड़ी छीनी गई थी। लगातार बढ़ती वारदातों से पुलिस भी अपराधियों पर नकेल कसने में सफल नहीं हो रही।
-जांच जारी
गाड़ी छीनने की वारदात के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। कई टीमें इस में लगी है। चालक के ब्यान पर केस दर्ज कर लिया गया है। वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस कई पहलुओं को लेकर जांच आगे बढ़ा रही है। गाड़ी मिलने व आरोपियों के पकड़े जाने के ही पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठ सकेगा।
-रणधीर सिंह, एसएचओ, थाना सदर बहादुरगढ़।