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मध्य प्रदेश में जमीन के फर्जीवाड़े में लोहारी गांव का सरपंच गिरफ्तार

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झज्जर। वर्ष 2009 व 10 में मध्य प्रदेश में हुए हजारों एकड़ जमीन के फर्जीवाड़े के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस ने झज्जर जिले के लोहारी गांव के सरपंच को गिरफ्तार कर लिया। सरपंच को गणतंत्र दिवस समारोह संपन्न होने के बाद समारोह स्थल के नजदीक से ही मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। माछरौली पुलिस थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस सरपंच को अपने साथ ले गई। जहां पर अदालत में पेश करने के बाद उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। शनिवार को रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद सरपंच को जेल भेज दिया गया।
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बता दें कि मध्य प्रदेश के शहडोल कोतवाली से झज्जर पहुंची पुलिस टीम का नेतृत्व जांच अधिकारी राकेश बागड़ी कर रहे थे। गांव के कुछ लोगों ने चुनाव के समय भी इस बारे में जिला प्रशासन के अधिकारियों को इस मामले की शिकायत की थी। पिछले साल जून में उपायुक्त ने भी शहडोल मध्य प्रदेश के एसपी से इस बारे में पत्र भेजकर जानकारी मांगी थी।
शहडोल कोतवाली के जांच अधिकारी राकेश बागड़ी का कहना है कि वर्ष 2009 व 10 में लोहारी गांव निवासी तरुण कुमार शर्मा के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए थे। जिनमें वह फरार चल रहा था। उन्होंने बताया कि कई बार पुलिस ने यहां पर छापे मारे, लेकिन आरोपी गिरफ्त में नहीं आया। फिलहाल भी वे अपनी टीम के साथ 24 जनवरी को माछरौली क्षेत्र में आए थे। माछरौली पुलिस की मदद से कार्रवाई की गई तो आरोपी नहीं मिला। उसके बाद पुलिस को सूचना मिली थी कि सरपंच गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ध्वजारोहण के समय वहां मौजूद होगा। जब टीम समारोह स्थल के नजदीक पहुंची तो तरुण कुमार स्टेज पर था। समारोह संपन्न होने के बाद जब वह अपनी गाड़ी में बैठकर निकलने लगा तो समारोह स्थल के नजदीक से ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया और झज्जर पुलिस को इसके बारे में सूचना दी गई। सूचना मिलते ही माछरौली पुलिस भी मौके पर पहुंची।
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जांच अधिकारी राकेश बागड़ी कहना है कि तरुण कुमार को गिरफ्तार करने के बाद मध्य प्रदेश लाया गया है। जहां से अदालत ने उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा था। पूछताछ के बाद आरोपी को रिमांड अवधि पूरी होने पर शनिवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उनका कहना है कि आरोपी तरुण कुमार सहित इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2009 व 10 में दर्ज हुए तीनों मामलों में जमीन का फर्जीवाड़ा किया गया है। यहां पर आदिवासी लोगों की जमीन को फर्जी लोग खड़े कर एक कंपनी को दी गई है। हजारों एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा किया गया है।
गुरुग्राम में बनाई थी फर्म
उन्होंने बताया कि आरोपी सहित कुछ लोगों ने मिलकर गुरुग्राम में बीटीके नाम की एक फर्म बनाई थी और इस फर्म के माध्यम से पीएसीएल कंपनी के साथ एमओयू किया हुआ था। जिसके तहत इन लोगों ने कंपनी को जमीन उपलब्ध करानी थी। इस मामले में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ तो वह मध्य प्रदेश से हरियाणा में आ गया था।
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मध्य प्रदेश पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामले दर्ज किए हुए थे। उन मामलों में पुलिस सरपंच को गिरफ्तार कर मध्य प्रदेश ले गई है।
- रामजस, एसएचओ पुलिस थाना, माछरौली।
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