बिजली की तारों में अधिक लोड आने के कारण शनिवार रात हरिपुरा मोहल्ला, सेठों वाली गली, महाराजा अग्रसेन कॉलेज के पास व मंडी मोहल्ला में करीब 60 से अधिक दुकानों व मकानों के बाहर लगे बिजली के मीटर जल गए। इसके बाद रविवार सुबह बिजली कर्मचारी मुआयना करने पहुंचे और उपभोक्ताओं को नए मीटर लगाने का खर्च को उठाने को कहा। इस बात पर लोगों को गुस्सा फूट पड़ा और सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। इसके बाद विभाग के एसडीओ ने लोगों को आश्वासन दिया कि जिनके मीटर जले हैं उनके मीटर निशुल्क लगाए जाएंगे।
शनिवार रात को हरिपुरा मोहल्ला, सेठों वाली गली, महाराजा अग्रसेन कॉलेज के पास व मंडी मोहल्ला में लगभग 60 मीटरों में आग लग गई इसका कारण अधिक लोड बताया जा रहा है। अधिक लोड के कारण कई उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि इससे अधिक आगजनी नहीं हुई। इससे कई मीटर तो जलकर पूरी तरह से राख हो गए। दुकानदारों ने बताया कि अगर समय रहते आगजनी का पता नही चलता तो भारी नुकसान हो सकता था। अचानक मीटरों में लगी आग की सूचना बिजली विभाग को दी गई। विभाग ने तुरंत बिजली सप्लाई को बंद कर दिया।
रविवार सुबह बिजली के जले मीटरों को देखने विभाग के दो-तीन कर्मचारी आए। जले मीटरों को देखकर जब कर्मचारियों ने कहा कि मीटर का खर्च उपभोक्ता को उठाना होगा, तो लोगों का गुस्सा भड़क उठा। सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। विभाग के जेई प्रदीप भी मौका स्थल पर पहुंचे और लोगों के गुस्से को शांत करवाया। उन्होंने कहा कि बिजली की लटकती तारों को ठीक करवाया जाएगा। युवा व्यापारी नेता वीरेंद्र छोटे ने बताया कि व्यापारी लंबे समय से पुरानी जर्जर तारों को बदलवाने की मांग कर रहे है। लेकिन विभाग के अधिकारी व्यापारियों की मांग को अनसुना कर रहे है। उन्होंने बताया कि लगता है विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।
पीड़ित सुरेंद्र गर्ग, राकेश शर्मा, प्रताप सिंह, बुद्धराम, प्रह्लाद, दुलीचंद, महाबीर प्रसाद, दिनेश गर्ग, सचिन गर्ग, दीना, चिमन, राधे, हुकुम, टेकचंद, राजेन्द्र सोनी, प्रदीप सैनी, श्याम लाल, कमलेश, धर्मपाल आदि ने बताया कि शनिवार रात अचानक बिजली के मीटर जलने लगे। मीटर के जलने के साथ ही घर में रखे इन्वर्टर, फ्रिज, टीवी, एलईडी व अन्य बिजली उपकरणों में भी आग लग गई। इससे उन्हें अर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह जब विभाग के कर्मचारी मौका स्थल पर आए तो उनका रवैया सहानुभूति पूर्वक नही था। पीड़ितों ने बताया कि शहर में जर्जर तारों को विभाग जल्द से जल्द बदलवाए।