झज्जर। जिस प्रकार ज्योतिष हाथ, गृह नक्षत्र के जरिए व्यक्ति की कुंडली तैयार करते हैं, उसी प्रकार अब आयुष विभाग भी जनता का प्रकृति परीक्षा कर स्वास्थ्य कुंडली तैयार करेगा। इसके लिए आयुष विभाग की तरफ से प्रकृति परीक्षण अभियान शुरू किया हुआ है।
लोगों की प्रकृति को जानकर भविष्य में होने वाली बीमारियों से किस प्रकार बचा जा सकेगा। इसमें अब जिन लोगों का प्रकृति परीक्षण किया जा रहा है, उन लोगों के ई-डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाए जा रहे हैं। व्यक्ति को भविष्य में किस प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं और उनसे किस प्रकार बचा जा सकता हैं। इसकी जानकारी व्यक्ति का प्रकृति परीक्षण कर पहले ही दे दी जाएगी। इसके लिए आयुष विभाग की तरफ से जिले के 18 वर्ष की आयु से ऊपर सभी नागरिकों का प्रकृति परीक्षण किया जा रहा है।
आयुष विभाग की तरफ से लोगों की प्रकृति को जानकर उनका डाटा तैयार किया जाएगा। इसमें लोगों के बालों के रंग, शरीर की लंबाई, वजन अलग-अलग पैमानों से व्यक्ति की प्रकृति जानकर वात, पित्त, दवंदज, कफ की प्रकृति जानी जाएगी। इसमें लोगों की शारीरिक और मानसिक रूप से किस प्रकार की बीमारी हो सकती है। इसके बचाव की सलाह दी जाएगी। खानपान में किस प्रकार सुधार किया जा सकता है, क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाना चाहिए और किस मौसम में क्या करना चाहिए। इसके लिए मरीज के पास पहले से ही ई-डिजिटल कार्ड के माध्यम से बता दिया जाएगा।
25 दिसंबर तक चलेगा अभियान : आयुष विभाग की तरफ से 26 नवंबर से देश का प्रकृति परीक्षण करने के लिए देश के हर जिले में अभियान की शुरूआत की थी। यह अभियान 25 दिसंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य लोगोंं को अधिक से अधिक आयुर्वेद के प्रति जागरूक करना और लोगों के स्वास्थ्य को ठीक बनाए रखना हैं।