बेरी में सुबह-सुबह हल्के कोहरे में जाते हुए वाहन चालक। संवाद
झज्जर। हाड़ कंपाकंपा देने वाली ठंड जारी है। सोमवार सुबह की शुरुआत हल्के कोहरे के साथ हुई, लेकिन शीत लहर चलने से जल्द ही कोहरा छंट गया। इससे लोगों को राहत मिली, लेकिन ठंड से राहत फिलहाल नहीं मिल रही है। दिन में बादलवाही जारी रही। दोपहर को निकली धूप से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन शाम होते ही ठंड बढ़ गई। जिले का अधिकतम तापमान 12.1 और न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आमजन को लगातार ठिठुरन भरी कड़ाके की ठंड से रूबरू होना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि इस साल कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, और हिमाचल प्रदेश के लोग इस बार अच्छी बर्फबारी को तरस रहे हैं। मैदानी राज्यों में इस साल इस प्रकार की ठंड कश्मीर और हिमाचल व उत्तराखंड की बर्फ से नहीं हो रही। इसके पीछे अहम और मुख्य कारण इस साल जेट धाराओं का डायवर्सन मार्ग परिवर्तन है, जो समुद्र तल से 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर चल रही है। इन ऊपरी वायु की गति 200 किलोमीटर से 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, जिसकी वजह से एक मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इस वजह से धरती पर चलने वाली हवाओं में अधिक ठंडक है।
यही मुख्य कारण है कि मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ कोल्ड डे, गंभीर कोहरा, गंभीर शीतलहर जाने का नाम नहीं ले रही। इसी कारण भारतीय मौसम विभाग द्वारा लगातार रेड, ऑरेंज अलर्ट जारी हो रहें हैं। वर्तमान परिदृश्य में अभी अल-नीनो की स्थिति बनी हुई है, जिसकी वजह से संपूर्ण भारत में विशेषकर उत्तरी मैदानी राज्यों में बारिश की गतिविधियां भी लगातार नदारद है। इसलिए सूखी ठंड अपने प्रचण्ड तेवरों से आगाज किए हुए हैं। जिले में दोपहर बाद सूर्य के दर्शन हो रहे हैं परन्तु धुंधली धूप से हल्की राहत मिलती है, परन्तु आमजन को विंड चिल्ड फैक्टर बना हुआ है। साथ ही साथ दिन के तापमान भी सामान्य से कम बने हुए और अधिकतर स्थानों पर कोहरा की वजह कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। आने वाले चार पांच दिनों तक इसी प्रकार की ठंड की चरम स्थितियां बनीं रहेंगी। अभी आमजन को इस कड़ाके की हाड़कंपा देने वाली ठंड से राहत के आसार नहीं दिख रहें।