बहादुरगढ़। राज्य सरकार ने बजट में उद्योगों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। औद्योगिक प्लॉट दीर्घकालीन पट्टे पर देने, प्लग-एंड-प्ले योजना के तहत फैक्टरी शेड विकसित करने और 45 कार्यदिवस में भूमि उपयुक्तता प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था की जाएगी। इस फैसले का उद्यमियों ने स्वागत किया है।
एनसीआर क्षेत्र में महंगी जमीन उद्यमियों के विस्तार में बड़ी बाधा बनी हुई थी। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट दीर्घकालीन लीज पर उपलब्ध होंगे और उन्हें फ्रीहोल्ड में बदला भी जा सकेगा। छोटे व मध्यम उद्यमियों को कम लागत में उद्योग स्थापित करने का मौका मिलेगा।
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प्री-बजट परामर्श के दौरान औद्योगिक भूमि की अधिक कीमतों को लेकर आवाज उठाई थी। इसी के चलते बजट में वर्ष 2026-27 से लैंड ऑन लीज नीति लागू करने का निर्णय लिया है। प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के साथ तैयार फैक्टरियां और शेड विकसित किए जाएंगे। साथ ही 45 कार्यदिवस के भीतर डिजिटल लैंड फीजिबिलिटी सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था शुरू होगी जिससे निर्माण और पर्यावरण स्वीकृतियां लेने में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
-नरेंद्र छिकारा, फुटवियर उद्यमी।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप की भागीदारी 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। महिला उद्यमिता मंच का हरियाणा चैप्टर शुरू करने का भी निर्णय लिया है। औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं के लिए आधुनिक मातृ-शक्ति क्रेच नेटवर्क भी स्थापित होंगे।
-रिंकी कपूर, लाइटिंग उद्यमी।
उद्योग विभाग की ओर से देय भुगतान में देरी होने पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का प्रावधान लागू करने की बात बजट में कही गई है। इंवेस्ट हरियाणा पोर्टल पर आवेदन के बाद प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत भाग 7 कार्यदिवस में और शेष 50 प्रतिशत 45 कार्यदिवस में जारी किया जाएगा। निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए एडवांस रूलिंग पोर्टल भी बनाया जाएगा। इससे नए निवेशकों को काफी फायदा होगा।
-रवि चमड़िया, टेक्सटाइल उद्यमी।
एमएसएमई इकाइयों के लिए बीमा योजना, प्रत्येक औद्योगिक एस्टेट में कॉमन फैसिलिटी सेंटर, हाईवे से जुड़े आईएमटी में फुट ओवर ब्रिज और प्रत्येक जिले में दो प्लग-एंड-प्ले क्लस्टर स्थापित करने की घोषणा हुई है। निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए फ्रेट सब्सिडी सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये प्रति यूनिट करने और एमएसएमई-ग्लोबल इंडस्ट्री मैचमेकिंग प्रोग्राम और रिवर्स बायर-सेलर मीट करने का निर्णय सरकार ने लिया है। इससे व्यापार बढ़ेगा।
-प्रवीण गर्ग, उद्यमी।
फोटो-60: नरेंद्र छिकारा
फोटो-60: नरेंद्र छिकारा
फोटो-60: नरेंद्र छिकारा