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लेडी अटेंडेट, सीसीटीवी, फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले निजी स्कूल बसों में, 13 के चाला काटे

Wed, 08 Mar 2017 01:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर। स्कूलों की बसों को लेकर हाईकोर्ट की 24 बिंदुुओं वाली गाइडलाइन को फॉलो न करने वालों पर मंगलवार को बाल संरक्षण आयोग की गाज गिरी। आयोग सदस्य बीके गोयल की टीम ने मंगलवार को करीब 5 दर्जन निजी स्कूल बसों की चेकिंग की। इस दौरान नामी स्कूलों की बसों में भी भारी खामियां सामने आई। ज्यादातर बसों में लेडी अटेंडेंट के अलावा सीसीटीवी कैमरे, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर इंस्टिंगर गायब मिले। टीम ने खामियों को देखते हुए 13 बसों के चालान ट्रैफिक पुलिस से कटवाए। वहीं कुछ बसों के स्कूल संचालकों ने जल्द ही इन कमियों को पूरा करने के लिए शपथ पत्र दिए जाने पर एक महीने का समय दिया गया। अगर एक महीने में वे विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों की पालना नहीं करते तो उन बसों को इंपाउंड कर दिया जाएगा। मंगलवार को बसों की चेकिंग करने वाली टीम में बीके गोयल बाल अधिकार संरक्षण अयोग सदस्य, अरुण कुमार अध्यक्ष बाल कल्याण कमेटी, भारत भूषण सदस्य बाल कल्याण समिति और डिप्टी डीइओ नवीन नारा के अलावा अन्य सदस्य शामिल रहे।
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नामी स्कूलों की बसों में भी खामियां
चेकिंग अभियान में विभाग की नियमावली का उल्लंघन करने वाली ज्यादातर बसें जिले के प्रमुख स्कूलों की थी। चेकिंग टीम सदस्यों के अनुसार इन स्कूलों की बसों में काफी सारी कमियां पाई गई हैं। इनमें लेडी अटेंडेट का ना होना, बसों के पीछे पोस्टरों का चस्पाना, फायर सिलेंडर का एक्स्पायर पाया जाना, रूट चार्ट नहीं मिलना व फर्स्ट एड बॉक्स ना होना आदि कई खामियां मिली। टीम ने इन स्कूलों से जल्द ही इस प्रकार की कमियों को दुरुस्त करने के लिए शपथ पत्र लेते हुए उन्हें एक महीने का समय दिया है।
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वायदे बड़े और हकीकत कुछ और
जिले भर के प्राईवेट स्कूलों पर नजर दौड़ाई जाए तो इनमें से करीब 90 फीसदी स्कूल ऐसे होंगे जो किसी भी सूरत में बच्चों की सुरक्षा के लिए जारी किए गए नियमों की पालना नहीं करते। पढ़ाई के नाम पर बच्चों से पैसा वसूलना इनका व्यवसाय बनकर रह गया है। किसी भी पोल या दीवार पर चस्पाए गए स्कूल के पोस्टर में छात्र के लिए बड़ी बड़ी सुविधाएं देने के वायदे किए जाते हैं। जब कोई चेकिंग टीम इस प्रकार की जांच करती है तो सच्चाई सामने आती है।
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वर्जन
हाई कोर्ट ने गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके तहत 1 से 15 मार्च तक प्रदेश भर में यह चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। नियमावली का उल्लंघन करने पर स्कूल बसों के चलान काटने के साथ-साथ उक्त स्कूल संचालकों से शपथ पत्र लेते हुए एक महीने का समय दिया गया है।
- बीके गोयल, सदस्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, हरियाणा।
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